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ट्रिब्यूनल ने जेओए के नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगाई रोक

Wed, 27 Feb 2019 12:36 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Wed, 27 Feb 2019 12:36 PM IST
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Tribunal ban on issuing appointment letters to joa in himachal

करीब ढाई साल बाद बीते शनिवार को घोषित जूनियर ऑफि स असिस्टेंट (जेओए) के परिणाम के बाद प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने 596 सफल अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है।

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ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा ने प्रार्थी सपना ठाकुर और अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल इन मामलों पर अब 7 मार्च को सुनवाई करेगा।
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने जूनियर ऑफि स असिस्टेंट पोस्ट कोड-556 के तहत 1156 पदों के लिए परीक्षा ली थी। परीक्षा में 596 अभ्यर्थियों को सफ ल घोषित किया जबकि शेष को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
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प्रार्थियों के अनुसार आयोग को जल्दबाजी में इस पोस्ट कोड के परिणाम घोषित नहीं करने चाहिए थे क्योंकि इस पोस्ट कोड के मामले अदालतों में लंबित हैं। ट्रिब्यूनल ने इन मामलों में प्रतिवादी बनाते हुए आयोग और मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

प्रार्थियों का आरोप है कि आयोग ने परिणाम बनाते समय न्यूनतम योग्यता की आड़ में कंप्यूटर शिक्षा में उच्च डिग्रियां व डिप्लोमा प्राप्त अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया। आयोग ने विभिन्न संस्थाओं से मान्यता प्राप्त डिग्री व डिप्लोमा धारकों को भी बिना कारण अयोग्य घोषित कर दिया है।

इसके परिणामस्वरूप लिखित व टाइपिंग परीक्षा में उनसे कम अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। ट्रिब्यूनल में पहले से लंबित याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के विपरीत पदों को भरा जा रहा है।


हाईकोर्ट ने इन पदों को भरने के लिए जारी विज्ञापन के तहत दर्शाए गए नियमों के अनुरूप ही भरने को कहा था और ट्रिब्यूनल को इन मामलों का निपटारा मेरिट के आधार पर करने के आदेश पारित किए थे। प्रार्थियों के अनुसार आयोग के सचिव ने अदालत की अवमानना भी की है, लिहाजा उनके खिलाफ अवमानना का मामला दायर किया जाए। 

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