Himachal News: हाटी समुदाय के 1 से 3 जनवरी तक बने जनजाति प्रमाणपत्र रहेंगे वैध
सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय के जिन 82 युवाओं ने इस वर्ष एक जनवरी से तीन जनवरी के दौरान जनजातीय प्रमाण पत्र बनाए थे, वह वैध होंगे।
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हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय के जिन 82 युवाओं ने इस वर्ष एक जनवरी से तीन जनवरी के दौरान जनजाति प्रमाण पत्र बनाए थे, वह वैध होंगे। जनजातीय विभाग के संयुक्त सचिव ने इस आशय के आदेश 4 अक्तूबर को जारी किए हैं। इनकी अनुपालना करते हुए सहायक आयुक्त सिरमौर ने नौ अक्तूबर को सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग के पत्र की प्रति संलग्न करते हुए उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
इस वर्ष एक जनवरी को नववर्ष के अवसर पर प्रदेश सरकार ने हाटी को जनजातीय दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद जिला सिरमौर में तहसील शिलाई को छोड़कर अन्य तहसीलों में 82 जनजातीय प्रमाणपत्र बन गए थे। इनमें राजगढ़ में चार, नौहराधार में 53, ददाहू में एक, रोहनाट में दस, रेणुका में चार व कमरऊ में दस जनजातीय प्रमाणपत्र बन चुके थे। यही नहीं, सैकड़ों प्रमाणपत्र तहसील व उपतहसील कार्यालयों में बन चुके थे, लेकिन उन्हें प्रिंट नहीं किया गया था।
ग्रामीणों ने उन सभी प्रमाणपत्रों को भी अविलंब जारी करने की मांग की थी लेकिन इसी दौरान उच्च न्यायालय ने चार जनवरी को हाटी के जनजातीय प्रमाणपत्र बनाने पर स्टे लगा दिया था। अदालत से स्टे होने के बाद से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब प्रदेश के जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त के पत्र ने सब स्पष्ट कर दिया है। खंड हाटी समिति राजगढ़ के अध्यक्ष वेद प्रकाश ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष विकल्प ठाकुर, महामंत्री विजय भारद्वाज, संगठन महामंत्री हरदेव वर्मा, रविदत्त भारद्वाज, राजकुमार ठाकुर, सुरेंद्र तोमर व अनिल शर्मा ने उन सभी प्रमाण पत्रधारकों को बधाई दी और जनजातीय विभाग का आभार जताया है।