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Shimla News: साल में पहली बार गोलछा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल पास
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का रेट्रोफिटिंग का कार्य पूरा, प्रदूषण से भी मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के गोलछा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में रेट्रोफिटिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिली है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस साल पहली बार प्लांट के सैंपल पास हुए हैं। रेट्रोफिटिंग परियोजना के तहत प्लांट की तकनीकी संरचना और संचालन में व्यापक सुधार किए गए हैं। अब सीवेज का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से हो रहा है और पर्यावरण पर इसका नकारात्मक प्रभाव कम हुआ है। प्लांट से पिछले कुछ समय से मरम्मत कार्य के कारण दूषित पानी छोड़ा जा रहा था जिससे न्यासर खड्ड और इससे गांवों को पेयजल पहुंचाने वाली स्कीम प्रभावित हो रही थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि सुधार के बाद प्लांट अब प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार काम कर रहा है। यह संकेत है कि रेट्रोफिटिंग कार्य ने प्लांट की दक्षता बढ़ा दी है और स्थानीय जलस्रोतों को सुरक्षित रखने में मदद की है। प्लांट के आधुनिक उपकरण और सुधारित प्रक्रियाएं न केवल सीवेज उपचार को बेहतर बनाती हैं, बल्कि जल पुनर्चक्रण की क्षमता को भी बढ़ाती हैं। इससे शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। गोलछा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के रेट्रोफिटिंग कार्य के पूरा होने के बाद अब यह प्लांट न केवल प्रदूषण कम करने में सक्षम है, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को भी मजबूती प्रदान करता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के गोलछा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में रेट्रोफिटिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यावरण को प्रदूषण से राहत मिली है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस साल पहली बार प्लांट के सैंपल पास हुए हैं। रेट्रोफिटिंग परियोजना के तहत प्लांट की तकनीकी संरचना और संचालन में व्यापक सुधार किए गए हैं। अब सीवेज का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से हो रहा है और पर्यावरण पर इसका नकारात्मक प्रभाव कम हुआ है। प्लांट से पिछले कुछ समय से मरम्मत कार्य के कारण दूषित पानी छोड़ा जा रहा था जिससे न्यासर खड्ड और इससे गांवों को पेयजल पहुंचाने वाली स्कीम प्रभावित हो रही थी।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि सुधार के बाद प्लांट अब प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार काम कर रहा है। यह संकेत है कि रेट्रोफिटिंग कार्य ने प्लांट की दक्षता बढ़ा दी है और स्थानीय जलस्रोतों को सुरक्षित रखने में मदद की है। प्लांट के आधुनिक उपकरण और सुधारित प्रक्रियाएं न केवल सीवेज उपचार को बेहतर बनाती हैं, बल्कि जल पुनर्चक्रण की क्षमता को भी बढ़ाती हैं। इससे शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में जल गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। गोलछा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के रेट्रोफिटिंग कार्य के पूरा होने के बाद अब यह प्लांट न केवल प्रदूषण कम करने में सक्षम है, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को भी मजबूती प्रदान करता है।
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