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Shimla News: ढली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल फिर फेल

Sun, 20 Oct 2024 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 11:55 PM IST
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treatment sample failed
प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिए सैंपल, तय मानकों से पांच गुना ज्यादा निकले प्रदूषक
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पिछले साल दिसंबर में 9 करोड़ रुपये से अपग्रेड हुआ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, अश्विनी में छोड़ा जा रहा दूषित पानी

खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ढली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सैंपल लगातार दूसरे महीने भी फेल हो गए हैं। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। प्लांट से अश्विनी नदी में छोड़े जा रहे पानी में निर्धारित मानकों से पांच गुना ज्यादा प्रदूषक मिले हैं। इससे क्षेत्र में पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।
प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड के अधिकारियों की ओर से 21 सितंबर को लिए गए सैंपलों में सस्पेंडिड सॉलिड की मात्रा 557 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है, जबकि इसे 100 मिलीग्राम प्रति लीटर से कम होना चाहिए। इसके अलावा बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा 195 मिलीग्राम प्रति लीटर मापी गई, जोकि 30 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह प्रदूषित पानी लगातार अश्विनी खड्ड में छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जल प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है।
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ढली सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को दिसंबर 2022 में अमृत मिशन के तहत 9.9 करोड़ रुपये से 1.5 एमएलडी क्षमता के साथ अपग्रेड किया गया था। इस अपग्रेड में सिक्वेंसिंग बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक का उपयोग किया गया था और दावा किया गया था कि इससे प्लांट से अश्विनी में छोड़ा जाने वाला पानी साफ होगा, लेकिन प्लांट के सैंपल लगातार दूसरे महीने भी फेल हो गए हैं।
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27 अगस्त को लिए गए सैंपल में भी सस्पेंडिड सॉलिड की मात्रा 176 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई थी, जोकि निर्धारित मानकों से अधिक थी। साल 2014-15 में अश्विनी खड्ड के दूषित पानी के कारण शिमला शहर में बड़े पैमाने पर पीलिया फैला था, जिससे 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद अश्विनी पेयजल परियोजना को बंद कर दिया गया था।

बोर्ड हर महीने लेता है सैंपल
बोर्ड हर महीने शहर के हर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से सैंपल लेकर जांच क्षेत्रीय लैब शिमला में करता है। सैंपल फेल होने पर बोर्ड कार्रवाई करता है और नोटिस जारी करता है। -अनिल जोशी, सदस्य सचिव, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड


इन प्लांट के सैंपल भी फेल
प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में रोहड़ू राधा स्वामी पेट्रोल पंप के पास स्थित प्लांट के सैंपल में सस्पेंडिड सॉलिड की मात्रा 165 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है और बीओडी की मात्रा 162.5 मिलीग्राम प्रति लीटर मापी गई है जो फेल है। वहीं जुब्बल 22 केवी सब स्टेशन एचपीएसईबी जुब्बल घुंगलीधार कन्होल के पास स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में सस्पेंडिड सॉलिड की मात्रा 152 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई है और बीओडी की मात्रा 197.5 मिलीग्राम प्रति लीटर मापी गई है जो तय मापदंडों से कहीं ज्यादा है।
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