Kangra News: महादेव व्हाट्सएप ग्रुप पर भी किया गया है करोड़ों रुपये का लेनदेन, पुलिस ने किया खुलासा
धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस थाना धर्मशाला के तहत कुछ माह पहले सामने आए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाकर लाखों रुपये के फर्जी लेनदेन के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक सात राज्यों से 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खुलवाकर लेनदेन करने के मामले के तार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़ गए हैं। मामले में महादेव नाम का व्हाट्सएप ग्रुप सबसे अधिक सक्रिय पाया गया है। इस मामले में अब दुबई, अफ्रीका और कंबोडिया का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा कुछ ऑनलाइन कंपनियां भी शक के घेरे में हैं। मामले में अब सात राज्यों से 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने कहाकि पुलिस थाना धर्मशाला के तहत कुछ माह पहले सामने आए फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाकर लाखों रुपये के फर्जी लेनदेन के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक सात राज्यों से 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए इन लोगों में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, महाराष्ट्र, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों से लोग शामिल हैं। इसके अलावा इस गिरोह के तार दुबई, अफ्रीका, कंबोडिया जैसे देशों से भी जुड़े हुए पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह है, जिसके चलते पुलिस ने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से करवाने को लेकर निदेशालय को पत्र लिखा है। अब मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय ईडी को सौंपी जा सकती है।
पुलिस ने अब तक 91 लोगों के खातों को खंगाला है, जिसके चलते करीब 94 करोड़ रुपये की राशि को सीज किया गया है। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि अभी तक की जांच में यह पाया गया है कि अवैध सट्टेबाजी के लिए महादेव नाम का व्हाट्सएप ग्रुप सबसे सक्रिय था। इसके अलावा कुछ वेबसाइटों के नाम भी पुलिस ने ट्रेस किए हैं, जिसके माध्यम से इन ग्रुप से जुड़ा जाता था। इन वेबसाइट में ग्रुप से जुड़ने का लिंक दिया गया होता था, जहां क्लिक करने से अवैध सट्टेबाजी के ग्रुप से जाेड़ा जाता था। मामले में अभी तक कुल 18 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
ठगों के खाते से पीड़ित को दिलाए 15.72 लाख रुपये
हिमाचल साइबर पुलिस को पीड़ितों को पैसे दिलाने में कामयाबी मिली है। रविंद्र भारद्वाज निवासी रक्कड़, कांगड़ा गैस एजेंसी डीलरशिप साइबर अपराधियों के झांसे में आ गए और प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर पीड़ित से 18 लाख की राशि ठग ली। पुलिस ने जुलाई 2021 में मामला दर्ज कर जांच जारी रखी। सोमवार को पीड़ित के खाते में 15. 72 लाख की राशि डाल दी गई है। एएसपी नरवीर सिंह और उनकी टीम को यह कामयाबी मिली है। उन्होंने कहा कि यह मामला 15 जुलाई 2021 का है। पीड़ित ने साइबर पुलिस को बताया कि गूगल सर्च के माध्यम से गैस एजेंसी डीलरशिप की जानकारी हासिल की। इसके बाद फोन नंबर के माध्यम से संपर्क किया। पहले साइबर अपराधियों ने पीड़ित को इंडियन गैस एजेंसी का फॉर्म भरने को कहा और झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क वसूलते रहे।
करीब 18 लाख की ठगी की गई। जुलाई 2021 में साइबर थाना के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौड़ ने शिकायत पर मामला दर्ज किया। अन्वेषण के दौरान मनी ट्रांजेक्शन की ट्रेल को वर्कआउट किया। मामले की जांच के लिए दो बार पुलिस दल बिहार और वेस्ट बंगाल गई। पुलिस ने साइबर अपराधियों के भिन्न-भिन्न खाते होल्ड और फ्रिज किए गए। जिनमें 3 बैंक खाते वरसाली गंज नवादा बिहार के पाए गए। इन खातों में करीब 16 लाख रुपये होल्ड करवाए गए। 7 जुलाई 2023 शिकायतकर्ता रविंद्र भारद्वाज के खातों में साइबर अपराधियों के खातों में होल्ड किए गए राशि 15 लाख 72 हजार अदालत के आदेश के अनुसार रिफंड करवाए गए। डीजीपी संजय कुंडू ने इस कामयाबी के लिए एएसपी नरवीर सिंह को बधाई दी है।