चट्टान तोड़ने के लिए 13 घंटे बंद रखा कालका-शिमला एनएच, जाम में फंसे रहे हजारों वाहन
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सनवारा के समीप हवा में लटक रही चट्टान को तोड़ने के लिए प्रशासन ने 13 घंटे तक मार्ग वाहनों के लिए बंद कर दिया। शनिवार देर रात करीब साढ़े आठ बजे प्रशासन ने अचानक एनएच बंद करने का फरमान जारी किया। व्हाट्सएप पर भी प्रशासन ने मार्ग बंद करने से मात्र आधा घंटा पहले इसका अलर्ट डाला। अलर्ट सात घंटे एनएच बंद करने का था, लेकिन शनिवार रात करीब नौ बजे बंद हुआ हाईवे रविवार सुबह 10 बजे तक बमुश्किल बहाल हो पाया।
दोपहर लगभग 12 बजे तक हाईवे के दोनों और ही नहीं, बल्कि तंग संपर्क मार्गों पर भी वाहनों का लंबा-चौड़ा जाम लगा रहा। वीकएंड पर शिमला आ रहे पर्यटकों के अलावा अन्य मुसाफिरों की पूरी रात संपर्क मार्गों पर भूखे-प्यासे भटकते ही गुजर गई। हाईवे के यातायात को अलग-अलग संपर्क रूटों पर परिवर्तित कर दिया गया था। देर शाम जब हाईवे बंद करने का फरमान जारी हुआ, तब तक सोलन से परवाणू तक सैकड़ों गाड़ियां अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थीं।
अलर्ट मिलते ही कुछ चालक गाड़ियों को बदले गए मार्ग तक वापस लेकर आए तो कुछ बीच रास्ते में ही खड़े रह गए। एंबुलेंस और दूसरे वाहनों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ा, जिससे मरीज परेशान हुए।
जिन रास्तों से यातायात को बदला गया, उनमें भी मार्ग तंग होने की वजह से जाम की समस्या रही। एनएच बंद करने को लेकर प्रशासन ने कोई नियंत्रण कक्ष भी स्थापित नहीं किया था।
सनवारा में पहाड़ी पर हवा में लटक रही थी चट्टान : उपायुक्त
उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि सनवारा के समीप फोरलेन कटिंग के दौरान एक विशाल चट्टान हवा में लटक गई थी। चट्टान यात्रियों के लिए जानलेवा हो सकती थी। इसलिए प्रशासन ने तत्काल मार्ग बंद कर चट्टान हटाने का फैसला लिया।
पूरी रात एसडीएम और तहसीलदार मौके पर रहे हैं। एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि चट्टान ज्यादा बड़ी थी, इसलिए समय अधिक लगा। रात भर चट्टान हटाने का काम प्रशासन, पुलिस और कंपनी प्रबंधन की निगरानी में चला।