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Shimla News: यातायात नियंत्रण प्रणाली और सस्ते ड्रोन बना दिखाई विज्ञान की ताकत
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एचपीयू के प्रौद्योगिकी संस्थान में वार्षिक तकनीकी उत्सव में प्रस्तुत किए गए मॉडल, यूआईटी के छात्रों ने दिखाए नवाचार
कुलपति ने तकनीकी प्रदर्शनी का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अंधे मोड़ों पर सड़क हादसों का खतरा कम करने के लिए स्वचालित यातायात नियंत्रण प्रणाली, कम लागत वाला ड्रोन, विद्युत वाहन और चार्जिंग लेन के मॉडल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईटी) के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में यह मॉडल प्रस्तुत किए। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के नवाचारों को देखकर उनकी सराहना की। यूआईटी के वार्षिक तकनीकी एवं सांस्कृतिक उत्सव उत्कर्ष 2026 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुक्रवार को आगाज हुआ, यह उत्सव 25 अक्तूबर तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बदलते दौर में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास करने चाहिए और तकनीकी ज्ञान का उपयोग नई चुनौतियों के समाधान के लिए करना चाहिए। यूआईटी के निदेशक प्रो. एजे सिंह ने संस्थान को अतिरिक्त भवन उपलब्ध करवाने के लिए कुलपति का आभार जताया।
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एआई और मशीन लर्निंग की नई शाखा शुरू
संस्थान के समन्वयक डॉ. श्याम चंद ने बताया कि यूआईटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग की नई इंजीनियरिंग शाखा शुरू की है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भी तैयार किया है। उन्होंने संस्थान के लिए मुख्यमंत्री की ओर से घोषित पांच करोड़ की वित्तीय सहायता के लिए आभार जताया।
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कुलपति ने तकनीकी प्रदर्शनी का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अंधे मोड़ों पर सड़क हादसों का खतरा कम करने के लिए स्वचालित यातायात नियंत्रण प्रणाली, कम लागत वाला ड्रोन, विद्युत वाहन और चार्जिंग लेन के मॉडल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईटी) के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में यह मॉडल प्रस्तुत किए। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के नवाचारों को देखकर उनकी सराहना की। यूआईटी के वार्षिक तकनीकी एवं सांस्कृतिक उत्सव उत्कर्ष 2026 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुक्रवार को आगाज हुआ, यह उत्सव 25 अक्तूबर तक चलेगा।
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उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बदलते दौर में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास करने चाहिए और तकनीकी ज्ञान का उपयोग नई चुनौतियों के समाधान के लिए करना चाहिए। यूआईटी के निदेशक प्रो. एजे सिंह ने संस्थान को अतिरिक्त भवन उपलब्ध करवाने के लिए कुलपति का आभार जताया।
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एआई और मशीन लर्निंग की नई शाखा शुरू
संस्थान के समन्वयक डॉ. श्याम चंद ने बताया कि यूआईटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग की नई इंजीनियरिंग शाखा शुरू की है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भी तैयार किया है। उन्होंने संस्थान के लिए मुख्यमंत्री की ओर से घोषित पांच करोड़ की वित्तीय सहायता के लिए आभार जताया।