रद्द होंगे किसानों-बागवानों का भुगतान नहीं करने वाले व्यापारियों के लाइसेंस
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किसान संघर्ष समिति के प्रदर्शन के बाद किसानों-बागवानों की समस्याओं के निपटारे के लिए मुख्य सचिव बीके अग्रवाल के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य सचिव बागवानी आरडी धीमान ने बैठक बुलाई। इसमें किसानों-बागवानों के बकाया का भुगतान नहीं करने वाले व्यापरियों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया गया कि लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है।
इस दौरान चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया कि प्रदेश कृषि एवं औद्योनिकीय उपज विपणन विकास और विनियमन अधिनियम 2005 में बनाए गए नियमों में कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान करने के लिए जरुरीसंशोधन का प्रस्ताव शीघ्र प्रदेश सरकार के समक्ष लाया जाए। ताकि, दोषी व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। इसमें कोर्ट की ओर से दी गई व्यवस्था का अनुसरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मंडी समिति को आदेश दिए गए हैं कि अधिनियम की अनुपालना सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों और बागवानों का शोषण न हो और उन्हें गैर कानूनी अनावश्यक कटौतियों से बचाया जा सके। मंडी समिति के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि दोषी व्यापारियों के विरुद्ध पुलिस में शिकायतें दर्ज की गई हैं।
किसान संघर्ष समिति की ओर से कृषि उपज मंडी समिति शिमला और किन्नौर के समक्ष 22 अप्रैल 2019 को हुए प्रदर्शन में आरोप लगाया गया था कि व्यापारियों और आढ़तियों की ओर से सेब खरीद के 436 लाख रुपये भुगतान नहीं किया गया है।
इस बैठक में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि इस बारे में किसानों से 130 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 21 का निपटारा किया जा चुका है और 88 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किसानों और बागवानों को किया जा चुका है। शेष 348 लाख रुपये राशि का भुगतान बकाया है।