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क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए होटलों में अभी बुकिंग शुरू नहीं
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शिमला के रिज मैदान पर घूमते सैलानी।
- फोटो : SHIMLA CITY
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नाइट कर्फ्यू और संडे को बाजार बंद रहने से हिमाचल आने से कतरा रहे सैलानी
न्यू ईयर के लिए 15 नवंबर से शुरू हो जाती थी बुकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए होटलों में एडवांस बुकिंग अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। नाइट कर्फ्यू और रविवार को बाजार बंद के चलते सैलानी हिमाचल आने से कतरा रहे हैं। आमतौर पर क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए 15 नवंबर से होटलों में एडवांस बुकिंग शुरू हो जाती थी। 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक होटलों में करीब 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी रहती थी लेकिन इस साल विंटर टूरिस्ट सीजन कोरोना की भेंट चढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस कारण पर्यटन कारोबारी मायूस हैं।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को अब रोजी रोटी की भी चिंता सताने लगी है। इस साल कोरोना के कारण समर टूरिस्ट सीजन पूरी तरह पिट गया, पर्यटन कारोबारियों को विंटर टूरिस्ट सीजन से उम्मीद थी लेकिन मौजूदा हालात में विंटर टूरिस्ट सीजन भी खाली जाने के हालात बन रहे हैं। सरकार की ओर से कोरोना के मामले बढ़ने के बाद प्रदेश के 4 जिलों में लगाए नाइट कर्फ्यू और रविवार को बाजार बंद करने से पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कर्फ्यू की सूचना मिलने के बाद सैलानियों ने हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करना बंद कर दिया है। आमतौर पर क्रिसमस और न्यू ईयर ईव पर शिमला, मनाली और धर्मशाला में सैलानियों का भारी जमावड़ा लगता था इस साल क्रिसमस और न्यू ईयर फीका रहने की संभावना दिख रही है।
नहीं हो रही एडवांस बुकिंग : अश्वनी
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अश्वनी कुमार बांबा ने कहा कि इस साल दिसंबर के पहले हफ्ते तक भी होटलों में क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए एडवांस बुकिंग शुरू नहीं हुई है। नाइट कर्फ्यू और रविवार को बाजार बंद होने से सैलानी हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करने से कतरा रहे हैं। यही स्थिति बनी रही तो पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदेश सरकार को पर्यटन कारोबार को बचाने के लिए गंभीरता से कुछ सोचना चाहिए।
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होटलों में 6 महीने लटके रहे ताले
राजधानी शिमला सहित प्रदेशभर में इस साल 21 मार्च से होटल बंद हो गए थे। प्रदेश सरकार की ओर से बॉर्डर खोलने के आदेशों के बाद 21 सितंबर से होटल खुलना शुरू हुए। मार्च से सितंबर तक 6 महीने होटलों पर ताले लटके रहे। इस दौरान समर टूरिस्ट सीजन पूरी तरह पिट गया जबकि बाहरी राज्यों से अधिकतर सैलानी गर्मियों के मौसम में ही हिमाचल का रुख करते हैं।
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न्यू ईयर के लिए 15 नवंबर से शुरू हो जाती थी बुकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए होटलों में एडवांस बुकिंग अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। नाइट कर्फ्यू और रविवार को बाजार बंद के चलते सैलानी हिमाचल आने से कतरा रहे हैं। आमतौर पर क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए 15 नवंबर से होटलों में एडवांस बुकिंग शुरू हो जाती थी। 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक होटलों में करीब 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी रहती थी लेकिन इस साल विंटर टूरिस्ट सीजन कोरोना की भेंट चढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस कारण पर्यटन कारोबारी मायूस हैं।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को अब रोजी रोटी की भी चिंता सताने लगी है। इस साल कोरोना के कारण समर टूरिस्ट सीजन पूरी तरह पिट गया, पर्यटन कारोबारियों को विंटर टूरिस्ट सीजन से उम्मीद थी लेकिन मौजूदा हालात में विंटर टूरिस्ट सीजन भी खाली जाने के हालात बन रहे हैं। सरकार की ओर से कोरोना के मामले बढ़ने के बाद प्रदेश के 4 जिलों में लगाए नाइट कर्फ्यू और रविवार को बाजार बंद करने से पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कर्फ्यू की सूचना मिलने के बाद सैलानियों ने हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करना बंद कर दिया है। आमतौर पर क्रिसमस और न्यू ईयर ईव पर शिमला, मनाली और धर्मशाला में सैलानियों का भारी जमावड़ा लगता था इस साल क्रिसमस और न्यू ईयर फीका रहने की संभावना दिख रही है।
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नहीं हो रही एडवांस बुकिंग : अश्वनी
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अश्वनी कुमार बांबा ने कहा कि इस साल दिसंबर के पहले हफ्ते तक भी होटलों में क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए एडवांस बुकिंग शुरू नहीं हुई है। नाइट कर्फ्यू और रविवार को बाजार बंद होने से सैलानी हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करने से कतरा रहे हैं। यही स्थिति बनी रही तो पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदेश सरकार को पर्यटन कारोबार को बचाने के लिए गंभीरता से कुछ सोचना चाहिए।
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होटलों में 6 महीने लटके रहे ताले
राजधानी शिमला सहित प्रदेशभर में इस साल 21 मार्च से होटल बंद हो गए थे। प्रदेश सरकार की ओर से बॉर्डर खोलने के आदेशों के बाद 21 सितंबर से होटल खुलना शुरू हुए। मार्च से सितंबर तक 6 महीने होटलों पर ताले लटके रहे। इस दौरान समर टूरिस्ट सीजन पूरी तरह पिट गया जबकि बाहरी राज्यों से अधिकतर सैलानी गर्मियों के मौसम में ही हिमाचल का रुख करते हैं।