हिमाचल: सुक्खू बोले- अब चालान का रियल टाइम डिजिटल भुगतान, एचआरटीसी को मिलेंगी 1500 इलेक्ट्रिक बसें
अब लोग मौके पर ही चालान का सुरक्षित, सुविधाजनक और रियल टाइम डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इस सुविधा से लोगों को भुगतान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। सीएम सुक्खू ने बुधवार को चालान टू पे पहल का शुभारंभ किया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को चालान टू पे पहल का शुभारंभ किया। इसके तहत अब लोग मौके पर ही चालान का सुरक्षित, सुविधाजनक और रियल टाइम डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इस सुविधा से लोगों को भुगतान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे चालान जारी होने के स्थान पर ही डिजिटल माध्यम से चालान राशि का भुगतान कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग के अधिकारियों को एक्सिस बैंक की ओर से पीओएस मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल भुगतान को सुविधाजनक बनाना ही नहीं, बल्कि चालान राशि के संग्रह में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और एकत्रित राशि सीधे राज्य कोष में जमा होगी। नकद लेनदेन को कम करने के साथ यह व्यवस्था राजस्व की हानि की संभावना को रोकने में भी सहायक होगी।
100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें भी खरीदी जाएंगी
मुख्यमंत्री ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में निगम को 1,500 नई ई-बसें उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नई बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर होनी चाहिए और वे हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी एवं कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी को पहले ही 297 ई-बसें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं और निगम को और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए इनकी संख्या में और वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हाइड्रोजन से संचालित बसें शुरू करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें भी खरीदी जाएंगी।
ई-चार्जिंग अधोसंरचना के विकास में तेजी लाने के निर्देश
सुक्खू ने अधिकारियों को प्रदेशभर में ई-चार्जिंग अधोसंरचना के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के अधिकारियों को 30 ई-वाहन उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने ऊना जिले तथा नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) कार्यालय को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों से संचालित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभाग के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2021-22 में विभाग का राजस्व 510 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 995 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
ई-बसों से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल प्रदेश की जीवन रेखा है और यह दूरदराज तथा दुर्गम क्षेत्रों में भी लोगों को परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे एचआरटीसी को आर्थिक बचत भी सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने कहा कि ई-बसों के संचालन से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत हो रही है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, निदेशक परिवहन नीरज कुमार, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी शिवम प्रताप सिंह, एक्सिस बैंक के राज्य प्रमुख वरूण शर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।