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Shimla News: घणाहट्टी में तीन सौ महिलाओं को मिलेगा सिलाई का प्रशिक्षण
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हेल्पिंग हैंड वेलफेयर बनाएगा आत्मनिर्भर
उपनगरीय क्षेत्रों की महिलाओं को मिलेगी मदद : गुप्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के घणाहट्टी क्षेत्र में 300 महिलाओं को सिलाई एवं डिजाइनिंग कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलेगा। हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एंड एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से शुक्रवार को टीसीपीसी घणाहट्टी में प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के तहत 12 बैचों में 300 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर सभी प्रतिभागी महिलाओं को सिलाई मशीनें प्रदान की जाएंगी ताकि वह स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकें। महिलाओं को प्रशिक्षण संरचना, भविष्य की योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर सुनीता बंसल, अंजना शर्मा, पूनम बंसल और विद्या देवी ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में सुरेश गुप्ता ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण एवं उपनगरीय क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल है। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध करवाना ही इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए टाटा और ऊषा इंटरनेशनल कंपनी भी सहयोग दे रही है। हेल्पिंग हैंड के चेयरमैन एवं संस्थापक कपिल कुमार ने बताया कि संस्था का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। ऊषा इंटरनेशनल से परियोजना समन्वयक अमित कुमार ने बताया की सिलाई जैसी कौशल आधारित गतिविधियां न केवल आजीविका का साधन हैं बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करती हैं।
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उपनगरीय क्षेत्रों की महिलाओं को मिलेगी मदद : गुप्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के घणाहट्टी क्षेत्र में 300 महिलाओं को सिलाई एवं डिजाइनिंग कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलेगा। हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एंड एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से शुक्रवार को टीसीपीसी घणाहट्टी में प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के तहत 12 बैचों में 300 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर सभी प्रतिभागी महिलाओं को सिलाई मशीनें प्रदान की जाएंगी ताकि वह स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकें। महिलाओं को प्रशिक्षण संरचना, भविष्य की योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर सुनीता बंसल, अंजना शर्मा, पूनम बंसल और विद्या देवी ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में सुरेश गुप्ता ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण एवं उपनगरीय क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल है। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध करवाना ही इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए टाटा और ऊषा इंटरनेशनल कंपनी भी सहयोग दे रही है। हेल्पिंग हैंड के चेयरमैन एवं संस्थापक कपिल कुमार ने बताया कि संस्था का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। ऊषा इंटरनेशनल से परियोजना समन्वयक अमित कुमार ने बताया की सिलाई जैसी कौशल आधारित गतिविधियां न केवल आजीविका का साधन हैं बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करती हैं।