हिमाचल: पूर्व सीएम वीरभद्र के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक, आज सरकारी दफ्तरों में अवकाश घोषित
प्रदेश के सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे। तीन दिन तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश में आठ से 10 जुलाई तक राजकीय शोक रहेगा।
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद प्रदेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। आज गुरवार को सरकारी दफ्तरों में सरकार ने एक दिन का अवकाश घोषित किया है। शोक के दौरान प्रदेश में कोई सरकारी मनोरंजन संबंधी कार्यक्रम नहीं होंगे। प्रदेश के सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे। तीन दिन तक राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश में आठ से 10 जुलाई तक राजकीय शोक रहेगा।
शोक के चलते देरी से हुई छुट्टी की घोषणा
गुरुवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद सरकार ने करीब 11 बजे राजकीय शोक और एक दिन की छुट्टी की घोषणा की, लेकिन कर्मचारी सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंच चुके थे। घोषणा के बाद कर्मचारी कार्यालय से घरों को लौट गए। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार को शुक्रवार की छुट्टी की घोषणा करनी चाहिए थी ताकि लोग रिज मैदान पर आकर श्रद्धांजलि दे सकें। सुबह के समय बाजार बंद होने के कारण भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
कांग्रेस ने 15 दिन, भाजपा ने तीन दिन तक स्थगित किए सभी कार्यक्रम
प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर 15 दिन के शोक की घोषणा की है। इस दौरान 15 दिन तक पार्टी के कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। पार्टी महासचिव रजनीश किमटा ने यहां बताया कि प्रदेश कांग्रेस ने 15 दिन तक अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। प्रदेश के सभी जिला और ब्लॉक कांग्रेस मुख्यालय में शोक सभाएं आयोजित कर वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे। दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने बताया कि इस दुख की घड़ी में समस्त भाजपा परिवार शोक संतप्त परिजनों के साथ खड़ा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शांति दें और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें। भाजपा हिमाचल प्रदेश ने अपने सभी कार्यक्रम और बैठकें दस जुलाई के लिए तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दी हैं।
वीरभद्र के देहांत पर नड्डा, जयराम और कश्यप ने जताया शोक
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं संसद सुरेश कश्यप, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रभारी अविनाश राय खन्न, सह प्रभारी संजय टंडन, संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल एवं त्रिलोक कपूर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। बता दें तीन दिन पहले ही जेपी नड्डा खुद वीरभद्र सिंह से मिलने आईजीएमसी शिमला गए थेए लेकिन वह वेंटीलेटर पर थे तो उनसे मिल नहीं पाए थे। इस दौरान सीएम जयराम भी मौजूद थे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह निशब्द हैं और एक युग का अंत हो गया। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कहा-एक युग का अंत। दिलों के राजा नहीं रहे। विनम्र श्रद्धांजलि।
देश-प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान : राज्यपाल
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हॉलीलॉज में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने छह दशक के अपने राजनीतिक जीवन में प्रदेश में मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री के रूप में अहम योगदान दिया। कड़े संघर्ष और मजबूती के साथ पहाड़ी क्षेत्रों का विकास किया।
इतने वरिष्ठ नेता का निधन प्रदेश के लिए दुखद है। वे अंतिम बार उनसे मिले तो बड़े प्रेम और शांति से उनसे बातचीत की। मैं उनके निधन पर दुख प्रकट करता हूं, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को इस दुख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
लोगों की जरूरतों को प्रेम और करुणाभाव से सुनते थे वीरभद्र सिंह: दलाईलामा
धर्मगुरु दलाईलामा ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन पर उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को पत्र लिखकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। दलाईलामा ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने स्वयं को दूसरों की सेवा करने के लिए समर्पित किया था। साथ ही एक लंबा और सार्थक जीवन व्यतीत किया। उन्होंने वीरभद्र सिंह द्वारा लोगों की आवश्यकताओं को प्रेम और करुणा भाव से सुनने की भी प्रशंसा की।
कहा कि कई वर्षों से हम एक दूसरे को जानते थे तथा इस दौरान उन्होंने मेरे प्रति अपनत्व भाव से जो मित्रता रखी उसके लिए व्यक्तिगत रूप से आभारी हूं। आगे कहा कि ऐतिहासिक दृष्टि से बुशहर की पूर्ववर्ती रियासत के पड़ोसी पश्चिमी तिब्बत के लोगों के बीच उनका घनिष्ठ संबंध था। कहा कि हिमाचल प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में वीरभद्र सिंह बहुत याद किए जाएंगे।