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मंदिरों में आस्था का सैलाब, सीएम ने परिवार सहित लिया माता का आशीर्वाद

Mon, 19 Mar 2018 01:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Mon, 19 Mar 2018 01:20 PM IST
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Thousands paid obeisance in temples of himachal pradesh on the first day of the Navratri

राजधानी शिमला के प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारादेवी मंदिर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन करीब 12 हजार लोगों ने तारा माता के दर्शन किए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर परिवार के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के चलते उपायुक्त शिमला अमित कश्यप की अगुवाई में जिला प्रशासन के अधिकारी सुबह आठ बजे ही तैनात हो गए। 

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तारादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला सुबह 5 बजे से शुरू हो गया। हालांकि दस बजे के बाद लोगों की आमद में बढ़ोतरी हुई। दोपहर बारह बजे के बाद दर्शन के लिए लगी कतार मंदिर के नीचे पार्किंग तक पहुंच गई। ढाई बजे तक कमोवेश ऐसी ही स्थिति बनी रही। नवरात्र के मद्देनजर तारादेवी मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे।
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मंदिर परिसर में छह अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए थे। आनंदपुर से लेकर तारादेवी मंदिर तक व्यवस्था बनाने के लिए ग्यारह मोड़ों पर ग्यारह पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा शोघी बाइफरकेशन, तारादेवी मंदिर प्रवेश द्वार और मंदिर पार्किंग में करीब एक दर्जन पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे।
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शहर के अन्य शक्तिपीठों कालीबाड़ी मंदिर, कामना देवी, ढिंगू माता मंदिर, पधाई माता मंदिर और बीसीएस तारा माता मंदिर में भी पहले नवरात्र के दिन पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी।

अष्टमी-नवमी को 20 हजार पहुंच सकता है श्रद्धालुओं का आंकड़ा

Thousands paid obeisance in temples of himachal pradesh on the first day of the Navratri

अंतिम नवरात्र के दिन अगले रविवार को तारादेवी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 20 हजार तक पहुंच सकता है।

अंतिम नवरात्र के दिन व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखना प्रशासन के लिए चुनौती साबित हो सकता है हालांकि जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अंतिम नवरात्र के दिन भी श्रद्धालुओं को कोई समस्या पेश नहीं आने दी जाएगी।

वाटर एटीएम की नहीं मिली सुविधा
जिला प्रशासन ने नवरात्रों के दौरान तारादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए वाटर एटीएम स्थापित करने का दावा किया था लेकिन पहले नवरात्र पर लोगों को वाटर एटीएम की सुविधा नहीं मिल सकी।

जिला प्रशासन का तर्क है कि लोगों की भारी भीड़ की जरूरत को वाटर एटीएम पूरा नहीं कर सकता था इसलिए चार वाटर प्यूरीफायर मंदिर में स्थापित किए गए थे।

खो गया बच्चा, माइक पर अनाउंसमेंट कर बुलाए परिजन
पहले नवरात्र के मौके पर तारादेवी मंदिर में भारी भीड़ के चलते दोपहर बाद करीब तीन बजे एक छोटा बच्चा अपने परिजनों से अलग हो गया।

कतारों में लग कर बच्चे के परिजन दर्शन के लिए मंदिर के अंदर चले गए और बच्चा बाहर रह गया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत बच्चे को संभाला और माइक पर अनाउंसमेंट कर परिजनों को बुलाया। परिजनों के आने के बाद बच्चे को उनके हवाले किया गया।

संकटमोचन में सीएम ने फैमिली के साथ ली सेल्फी

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नवरात्र के पहले दिन तारादेवी मंदिर में जब प्रसाद ग्रहण करने के लिए भंडारा हाल के बाहर भीड़ बढ़ी तो हाल के बाहर भी पंक्ति में श्रद्धालुओं को बैठा कर भंडारा बांटा गया।

एसडीएम शिमला ग्रामीण अनिल शर्मा ने बताया कि हाल के भीतर एक बार में करीब दो सौ लोगों को भंडारा बांटा गया। तारादेवी मंदिर जाने से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर संकटमोचन मंदिर भी गए। यहां पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ सेल्फी भी ली।

शक्तिपीठों में पहले दिन सवा लाख श्रद्धालुओं ने नवाया शीश

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मां को अर्पित किया सवा तीन किलो चांदी का छत्र

हिमाचल की पांच प्रसिद्ध शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्र के पहले दिन करीब सवा लाख श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिरों में सुबह पांच बजे से ही कतारें लगनी शुरू हो गई थी। नयनादेवी मंदिर के कपाट सुबह चार बजे ही खुल गए थे।

रात तक मंदिरों में मां के जयकारे लगते रहे। शाम तक करीब 50 हजार श्रद्धालु मां के दर माथा टेक चुके थे। उधर, ज्वालाजी में रविवार को 20 हजार, बज्रेश्वरी मंदिर में दस हजार और मां चामुंडा के दरबार में पांच हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।

छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में 35 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शनों के लिए हाजिरी भरी। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में चैत्र मास मेलों में पिछले चार दिन में करीब 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेककर मुरादें मांगीं। 

61 विद्वान सवा दो लाख मंत्रों का उच्चारण करेंगे 
मां चामुंडा मंदिर में नवरात्र के दौरान 61 विद्वान दो लाख 25 हजार मंत्रों का गायत्री महायज्ञ, शतचंडी महायज्ञ, रामायण पाठ, रुद्राभिषेक एवं देवी भागवत पाठ करेंगे।

मां को अर्पित किया सवा तीन किलो चांदी का छत्र
चिंतपूर्णी में पहले नवरात्र के दिन सुबह पंजाब के मानसा शहर के एक श्रद्धालु राकेश कुमार ने सवा तीन किलो चांदी का छत्र मां के चरणों में भेंट किया।

पंडित पंकज कालिया ने पूजा-अर्चना करवाने के बाद छत्र मां की पावन पिंडी पर सुशोभित किया। मंदिर अधिकारी प्रेम लाल ने बताया की श्रद्धालु की ओर से चढ़ाए छत्र की कीमत सवा लाख रुपये से अधिक है।

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