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Shimla News: जुन्गा स्कूल के मैदान में सजेगा इस बार 3 दिवसीय दशहरा मेला
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20 से 22 अक्तूबर तक होगा मेले का आयोजन
समिति ने हाईकोर्ट से मांगी थी आयोजन के लिए अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। प्रसिद्ध रियासतकालीन दशहरा मेला इस वर्ष राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुन्गा के मैदान में आयोजित किया जाएगा। 20 से 22 अक्तूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय जिला स्तरीय मेले के आयोजन के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति मिल गई है।
इससे क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। क्योंथल हेरिटेज आर्कियोलॉजिकल कल्चर एंड देवालय जीर्णोद्धार समिति के अध्यक्ष खुश विक्रम सेन और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज सेन ने बताया कि विद्यालय के खेल मैदान में दशहरा मेले के आयोजन की अनुमति लेने के लिए समिति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में दलील दी थी कि मेले के दौरान 20 से 22 अक्तूबर तक राजपत्रित एवं स्थानीय अवकाश होने के कारण सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने विद्यालय के खेल मैदान में दशहरा मेला आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में मेलों और राजनीतिक समारोहों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। इसी के चलते समिति ने ऐतिहासिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए न्यायालय से विशेष अनुमति मांगी थी। दो वर्ष पूर्व अनुमति नहीं मिलने के कारण दशहरा मेले का आयोजन तत्कालीन क्योंथल रियासत के महल के बाहर और पुलिस मैदान में करना पड़ा था। पंकज सेन ने बताया कि जुन्गा में दशहरा उत्सव रियासतकाल से ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के ऐतिहासिक मैदान में मनाया जाता रहा है। मान्यता और परंपरा के अनुसार, क्योंथल रियासत के राजा द्वारा पुतलों को अग्नि देने की परंपरा आज भी मेले की ऐतिहासिक पहचान बनी हुई है।
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समिति ने हाईकोर्ट से मांगी थी आयोजन के लिए अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। प्रसिद्ध रियासतकालीन दशहरा मेला इस वर्ष राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जुन्गा के मैदान में आयोजित किया जाएगा। 20 से 22 अक्तूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय जिला स्तरीय मेले के आयोजन के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति मिल गई है।
इससे क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। क्योंथल हेरिटेज आर्कियोलॉजिकल कल्चर एंड देवालय जीर्णोद्धार समिति के अध्यक्ष खुश विक्रम सेन और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज सेन ने बताया कि विद्यालय के खेल मैदान में दशहरा मेले के आयोजन की अनुमति लेने के लिए समिति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में दलील दी थी कि मेले के दौरान 20 से 22 अक्तूबर तक राजपत्रित एवं स्थानीय अवकाश होने के कारण सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने विद्यालय के खेल मैदान में दशहरा मेला आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में मेलों और राजनीतिक समारोहों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। इसी के चलते समिति ने ऐतिहासिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए न्यायालय से विशेष अनुमति मांगी थी। दो वर्ष पूर्व अनुमति नहीं मिलने के कारण दशहरा मेले का आयोजन तत्कालीन क्योंथल रियासत के महल के बाहर और पुलिस मैदान में करना पड़ा था। पंकज सेन ने बताया कि जुन्गा में दशहरा उत्सव रियासतकाल से ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के ऐतिहासिक मैदान में मनाया जाता रहा है। मान्यता और परंपरा के अनुसार, क्योंथल रियासत के राजा द्वारा पुतलों को अग्नि देने की परंपरा आज भी मेले की ऐतिहासिक पहचान बनी हुई है।
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