फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Relief from the terror of dogs, feeding centers will be decided afresh

Shimla News: कुत्तों के आतंक से मिलेगी निजात, नए सिरे से तय होंगे फीडिंग सेंटर

Tue, 13 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Relief from the terror of dogs, feeding centers will be decided afresh
बचत भवन में हुई बैठक में नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल दिए निर्देश, निगम ने माना पहले बिना सुझाव के तय किए थे सेंटर
विज्ञापन

कुत्तों को खाना देने का समय भी होगा तय
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर में फीडिंग सेंटर (खाना देने की जगह) तो बना दिए लेकिन यहां खाना देने के लिए न तो लोग जा रहे हैं और न ही कुत्ते आ रहे हैं। ऐसा इसलिए कि निगम ने दो साल पहले यह सेंटर ही लोगों से बात किए बिना चिह्नित कर दिए थे। अब नए सिरे से फीडिंग सेंटर चिह्नित किए जाएंगे।

बचत भवन में मंगलवार को डाॅग लवर संस्थाओं के साथ हुई बैठक में नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने माना कि वार्डाें में लावारिस कुत्तों को खाना देने के लिए निगम ने जो फीडिंग सेंटर बनाए थे उनका चयन सही तरीके से नहीं किया गया। मनमर्जी से इन्हें चिह्नित किया गया। इन्हें चिह्नित करने से पहले स्थानीय लोगों खासकर खाना देने वालों से सहमति ली जानी चाहिए थी। फैसला लिया कि अब नए सिरे से फीडिंग सेंटर चिह्नित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय लोगों के साथ डॉग लवर संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। शहर में नो फीडिंग जोन भी चिह्नित होंगे। यह सार्वजनिक स्थान खासकर स्कूलों के आसपास के इलाके होंगे।
विज्ञापन

लावारिस कुत्तों को खाना देने की टाइमिंग भी तय होगी। लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने को लेकर डाॅग लवर संस्थाओं ने अपने सुझाव भी दिए हैं। इन पर अब काम किया जाएगा। इसके तहत कुत्तों के लिए शेल्टर की व्यवस्था सुधारने, उनका आकार बढ़ाने और सोने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध करवाने को लेकर सुझाव दिए हैं। शेल्टर को सिर्फ बंद जगह बनाने के बजाय ऐसा बनाया जाएगा जहां कुत्तों को घूमने-फिरने की सुविधा भी मिलेगी। डॉग लवर ने कहा कि सिर्फ लावारिस कुत्तों के काटने के ही मामले नहीं है। पालतू कुत्तों के काटने के मामले भी आए हैं। सुझाव दिया कि अस्पतालों में कुत्तों के काटने के मामलों का रिकॉर्ड अलग-अलग रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्थाओं ने नगर निगम को बड़े स्तर पर नसबंदी अभियान चलाने को कहा। इसमें संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। इसके साथ ही स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और सोशल मीडिया के जरिये लोगों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करने का सुझाव दिया गया। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने कहा कि बैठक में जो भी सुझाव आए हैं, उन पर प्रस्ताव तैयार होंगे। आने वाले दिनों में इस पर गंभीरता से काम किया जाएगा।



शेल्टर में बंद रहने से कुत्ते डिप्रेशन का शिकार
लंबे समय तक शेल्टर में बंद रखने से कई आक्रामक कुत्तों की सेहत बिगड़ने और उनके डिप्रेशन में जाने की समस्या भी बैठक में उठाई गई। निगम के डॉग शेल्टर में 52 कुत्ते हैं। इनकी बेहतर देखभाल के लिए पिंजरे बनाने और नगर निगम की खाली जमीन का इस्तेमाल करने जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान सामूहिक नसबंदी और टीकाकरण से ही संभव है। सिर्फ आक्रामक कुत्तों को शेल्टर में रखना या उन्हें हटाना इसका समाधान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article