विकास गतिविधियों को हिमाचल के 15 गांवों को गोद लेगा एचडीएफसी: सीएम
एचडीएफसी बैंक ने संपूर्ण ग्रामीण विकास कार्यक्रम यानी हॉलीस्टिक रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत राज्य में 15 गांव गोद लेने और राज्य में सतत आजीविका पहल योजना शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य में सीएसआर के तहत बैंक की ओर से विभिन्न गतिविधियां शुरू करने की सराहना की। कहा कि इससे सरकार की तरफ से राज्य के संपूर्ण विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को एचडीएफसी बैंक के ‘प्रगति रथ’ को रवाना किया। बैंक की ओर से शुरू एक माह के इस कार्यक्रम में प्रदेश के लोगों को वित्तीय और डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विशेष रथ एलईडी से सुसज्जित है। इसके माध्यम से ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक डॉ. आदित्य पुरी ने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की सुविधा को बैंक की 67 शाखाएं और 107 एटीएम उपलब्ध हैं। एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रमुख विनीत अरोड़ा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना, नगर निगम शिमला के पार्षद और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अतिरिक्त दस शाखाएं खोलने का निर्णय सराहनीय
मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि एचडीएफसी बैंक की ओर से अतिरिक्त दस शाखाएं खोलने का निर्णय सराहनीय है। इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। एचडीएफसी जैसे बड़े बैंक धर्मशाला में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की सफलता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ का चेक दिया
एचडीएफसी बैंक ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि निर्धन और जरूरतमंद लोगों को विकट परिस्थितियों में राहत देगी। प्रदेश सरकार ने पिछले 20 महीनों के दौरान निर्धन और जरूरतमंद लोगों को 30 करोड़ की आर्थिक सहायता जारी की है।
10 नई शाखाएं खोलने की घोषणा के लिए प्रशंसा की
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक की 10 नई शाखाएं खोलने की घोषणा के लिए बैंक की प्रशंसा की। कहा कि निजी बैंकों की ओर से ज्यादातर शहरों में ही बैंक शाखाएं खोलने का प्रचलन है, लेकिन एचडीएफसी बैंक ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक शाखाएं खोल कर इस धारणा को बदला है।