पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण से नहीं उजड़ेंगे ये चार बाजार, ऐसे मिलेगी राहत
पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के प्रथम चरण के निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने करीब 200 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इसी बीच जसूर, नूरपुर और कोटला के मेन बाजारों को फोरलेन की जद में आने से बचाने के लिए जसूर में ओवरब्रिज (फ्लाईओवर), बौड़ से खुशीनगर तक बाईपास और कोटला के पास सिंहुणी तक दो टनल बनेंगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने नूरपुर सेक्शन के तहत कंडवाल से सिंयुणी तक थ्रीजी प्रक्रिया को पूरी करने की कागजी कसरत तेज कर दी है। कंडवाल से लेकर जौंटा तक बनने वाले करीब 31 किलोमीटर लंबे फोरलेन के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन की पैमाइश का कार्य चल रहा है, जो कंडवाल से जसूर तक पहुंच गया है। एनएचएआई की मानें तो अगले माह के अंत तक थ्रीजी प्रक्रिया पूरी होते ही प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को अवार्ड कर परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो
जाएगा।
बताते चलें कि इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना के निर्माण में नूरपुर उपमंडल के तहत आने वाले कंडवाल, राजा का बाग, छतरोली, जाच्छ, नूरपुर-एक, नूरपुर-दो, गेही-लगोड़, नागनी, भड़वार, ख़ैरियां व जौंटा 11 पटवार वृत्तों के 31 गांवों के करीब 3781 लोग प्रभावित होंगे। इसमें 31 महाल (गांव) की करीब 64 हेक्टेयर जमीन फोरलेन की जद में आएगी। इस प्रक्रिया में 19 सरकारी इमारतों के अलावा तकरीबन 933 निजी इमारतें भी फोरलेन के रास्ते में आएंगी। एसडीएम नूरपुर डॉ. सुरिंद्र ठाकुर ने बताया कि नूरपुर क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। एक माह के भीतर थ्रीजी प्रक्रिया के पूरी होते ही क्लेम अवार्ड कर दिया जाएगा।