फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   These Congress leaders of himachal could not save their booths in Lok Sabha election 2019

लोकसभा चुनाव में अपने बूथ नहीं बचा सके हिमाचल के ये कांग्रेसी दिग्गज

Sat, 25 May 2019 10:21 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 25 May 2019 10:21 AM IST
विज्ञापन
These Congress leaders of himachal could not save their booths in Lok Sabha election 2019

प्रदेश कांग्रेस के कई महारथी लोकसभा चुनावों में अपने बूथ भी नहीं बचा सके। पंडित सुखराम, कौल सिंह, जीएस बाली और आशा कुमारी के बूथों पर कांग्रेस लीड तक नहीं ले सकी। हमीरपुर में तीन, मंडी-ऊना में 13-13, कुल्लू में 15, चंबा में 21 और सिरमौर में 40 बूथों पर ही कांग्रेस को बढ़त मिल सकी।

विज्ञापन


रामपुर में 25 और किन्नौर में 21 मतदान केंद्रों पर ही कांग्रेस को बढ़त मिली। सुखराम और आश्रय शर्मा को अपने बूथ समखेतर में भी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। यहां आश्रय को 120 वोट, भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप को 260 वोट मिले।
विज्ञापन


पूर्व मंत्री कौल सिंह के छिपणू बूथ पर कांग्रेस को 144 और भाजपा को 360 वोट मिले हैं। पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी के डडौर बूथ पर भी कांग्रेस को बहुत कम वोट मिले हैं। करसोग से पूर्व मंत्री मनसा राम के बूथ करसोग-2 में कांग्रेस को 207, भाजपा को 597 वोट मिले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक आशा कुमारी के गृह क्षेत्र का ये हाल

These Congress leaders of himachal could not save their booths in Lok Sabha election 2019

डलहौजी की विधायक आशा कुमारी के गृह क्षेत्र के बूथ नंबर-96 रूलयानी में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में 78 मत पड़े, जबकि बीजेपी प्रत्याशी को 218 मत मिले। भाजपा को मिली लगभग 23 हजार मतों की लीड में पूर्व मंत्री जीएस बाली का मतदान केंद्र ठारु-43 भी अछूता नहीं रहा है।

इस मतदान केंद्र में पड़े कुल 644 मतों में से 420 भाजपा और 216 कांग्रेस के खाते में गए हैं। एक मत नोटा के रूप में सामने आया है। फतेहपुर विस क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र दो बूथ पर लीड मिली है।

विधायक सुजान सिंह पठानिया के बूथ पर काजल को मात्र पांच मतों की लीड मिली है। बिलासपुर जिले के कुल 414 बूथों में से मात्र 20 पर कांग्रेस को लीड मिली। सदर के 101 में से 3, घुमारवीं के 111 में से 3, श्री नयना देवी में 97 से 12, झंडूता के 105 में से 2 पर लीड मिली। 

ऊना, चिंतपूर्णी, कुटलैहड़ के एक भी बूथ में लीड नहीं 

जिला ऊना के तहत ऊना, चिंतपूर्णी, कुटलैहड़ के एक भी बूथ में कांग्रेस को लीड नहीं मिली। ऊना सदर के 97, चिंतपूर्णी के 102 और कुटलैहड़ के 116 बूथों में से कांग्रेस को कहीं भी बढ़त नहीं मिली। हरोली के 106 में से 9 और गगरेट के 94 में से 4 बूथों पर कांग्रेस बढ़त लेने में कामयाब रही। जिले के कुल 512 बूथों में से कांग्रेस को 13 में बढ़त मिली।

मंडी के 1125 बूथों में से 13 पर आश्रय को लीड
मंडी जिले के 1125 बूथों में से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा को सिर्फ 13 बूथों पर लीड मिली। नाचन के 113 में से सात पर कांग्रेस को बढ़त मिली। करसोग के 104, सराज के 129, जोगिंद्रनगर के 130, मंडी के 104, सुंदरनगर के 107 और धर्मपुर के 101 पोलिंग बूथों में से सिर्फ एक-एक में कांग्रेस को बढ़त मिली। द्रंग के 128, सरकाघाट के 110 और बल्ह के 99 पोलिंग बूथों में से कांग्रेस को कहीं भी लीड नहीं मिली। रामपुर में कांग्रेस को 25, किन्नौर जिले में 126 बूथों में से कांग्रेस ने 21 बूथों में लीड ली।

चुराह के दो बूथों में खाता भी नहीं खुला

जिला चंबा के चुराह में कांग्रेस का दो पोलिंग बूथों मन्सा व मंगली में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला। 42 बूथों में कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। यहां 11 बूथों पर कांग्रेस को बढ़त मिली। भरमौर में आठ पोलिंग बूथों में कांग्रेस को लीड मिली। चंबा सदर विस क्षेत्र में दो बूथों पर कांग्रेसी प्रत्याशी लीड पर रहे।

सिरमौर में 560 में से 40 पर मिली बढ़त
जिला सिरमौर के रेणुकाजी के 123 बूथों में से कांग्रेस को 12, नाहन में 121 में से 11, शिलाई में 100 में से 8, पच्छाद में 113 में से 7 और पांवटा साहिब में 103 में से मात्र सात बूथों पर कांग्रेस को लीड मिली। कुल 560 में से 40 बूथों पर कांग्रेस को बढ़त मिली। 

हमीरपुर के तीन बूथों पर ही आगे रही कांग्रेस 

जिला हमीरपुर के कुल 528 पोलिंग बूथ में से केवल तीन बूथों पर कांग्रेस को बढ़त मिली है। बड़सर विस क्षेत्र के बूथ नंबर 48 खजियां में कांग्रेस को 11 मतों, बूथ नंबर 87 समताना में 22 मतों और भोरंज विस क्षेत्र के बूथ नंबर 70 बडैहर में कांग्रेस को 39 मतों की बढ़त मिली है। शेष 525 बूथों पर भाजपा को बढ़त मिली है। 

कुल्लू सदर के एक ही बूथ में मिली बढ़त
जिला कुल्लू के चारों विस क्षेत्रों में कांग्रेस को 15, भाजपा को 531 बूथों में लीड मिली। कुल्लू विधानसभा से मात्र एक ही बूथ से 99 वोटों की बढ़ती मिली है। बाकी 150 बूथों पर मोदी लहर का ही असर देखने को मिला। आनी विधानसभा के 139 बूथों में 4 पर कांग्रेस को बढ़त मिल पाई है। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की विस क्षेत्र मनाली के 109 पोलिंग बूथों से 4 तथा बंजार विस के 145 मतदान केंद्रों में मात्र 6 बूथों में कांग्रेस को बढ़त मिली है।

शांडिल अपने बूथ में नहीं ले सके लीड

These Congress leaders of himachal could not save their booths in Lok Sabha election 2019

जिला सोलन के 557 मतदान केंद्रों में से 18 में ही कांग्रेस लीड ले पाई। अर्की में दो, सोलन में चार, कसौली में पांच और दून में सात मतदान केंद्रों पर कांग्रेस को बढ़त मिली।

भाजपा की विजय में रिकॉर्ड बनाने वाले नालागढ़ में कांग्रेस एक भी बूथ पर लीड नहीं ले पाई। कांग्रेस उम्मीदवार कर्नल धनीराम शांडिल अपनी पंचायत ममलीग और अपने बूथ बसील से भी लीड नहीं ले पाए।

कसौली में कांग्रेस ने सुल्तानपुर बूथ पर भाजपा के मुकाबले 87 वोट अधिक प्राप्त किए। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र अर्की में कांग्रेस सिर्फ दो ही बूथ जीत पाई। यहां कुल 131 में से 129 मतदान केंद्रों पर भाजपा को बढ़त मिली।

शिमला के तीन विस क्षेत्रों में छह बूथों पर बढ़त
राजधानी शिमला सहित शिमला ग्रामीण और कुसम्पटी विस क्षेत्र में सिर्फ छह बूथों पर ही कांग्रेस लीड ले पाई। शिमला शहर और कसुम्पटी के सिर्फ एक-एक बूथ पर कांग्रेस को लीड मिली। विक्रमादित्य सिंह के शिमला ग्रामीण हलके से भी कांग्रेस को बढ़त की उम्मीदें थीं। लेकिन यहां भी सिर्फ तीन बूथ पर ही लीड मिली।

कांग्रेस को सात विस क्षेत्रों में पड़े 35 से 40 फीसदी वोट

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश के 68 में से सिर्फ सात विधानसभा क्षेत्रों में 35 से 40 फीसदी वोट मिले। 61 विधानसभा क्षेत्रों में मिले मतों की प्रतिशतता मात्र 18 से 34 रही। कांग्रेस प्रत्याशियों को रोहड़ू में सबसे ज्यादा 40 फीसदी और शाहपुर में सबसे कम 18 फीसदी वोट मिले।

प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों में हार का मुंह देखने वाली कांग्रेस की जुब्बल-कोटखाई, श्री नैनादेवी जी, हरोली, किन्नौर, सोलन और पच्छाद में ही कुछ लाज बची। शिमला सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कर्नल धनीराम शांडिल को रोहड़ू में सबसे अधिक 40.21 फीसदी वोट मिले।

रोहड़ू हलके को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। यहां से मोहनलाल ब्राक्टा कांग्रेस विधायक हैं। अभी तक हुए अधिकांश लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को रोहड़ू से भारी लीड मिलती आई है। 

इस बार मोदी लहर में कांग्रेस का वोट खिसक कर 40 फीसदी तक पहुंच गया। पूर्व संसदीय सचिव रोहित ठाकुर के जुब्बल-कोटखाई में कांग्रेस को 39.05 फीसदी, हमीरपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर के श्रीनयनादेवी जी में 38.99 फीसदी, नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के हरोली में 36.80 फीसदी, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और विधायक जगत सिंह के किन्नौर में 37.26, कांग्रेस प्रत्याशी कर्नल धनीराम शांडिल के गृह विधानसभा क्षेत्र सोलन में 35.12 और

शिलाई में 35.80 फीसदी वोट मिले। सबसे कम वोट शाहपुर में 18.23 और नालागढ़ में 18.45 फीसदी मिले। प्रदेश के अन्य विस क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों को 18 से 34 फीसदी के बीच वोट मिले। साल 2019 के चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों को विधानसभा क्षेत्रों में जितने वोट प्राप्त हुए हैं, कभी पूर्व के चुनावों में कांग्रेस को इतनी लीड मिलती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed