खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में गूंजेगा अनुच्छेद-370, शबाना आजमी समेत ये बड़ी हस्तियां होंगी शामिल
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कसौली में इस बार खुशवंत सिंह लिटफेस्ट हंगामेदार हो सकता है। बुद्धिजीवियों ने देश के दो ज्वलंत मुद्दों के तार यहां छेड़ने का फैसला किया है। लिटफेस्ट में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा और चंद्रयान-दो की कहानी गूंजेगी। देश-विदेश से आए साहित्यकार और लेखक इन मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे। इन दोनों मुद्दों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र तय हुआ है।
सिने जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी इसमें नजर आएंगी। जम्मू-कश्मीर और चंद्रयान-2 के अलावा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती, जलियांवाला बाग हत्याकांड, गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव और पर्यावरण की चुनौतियां जैसे विषयों पर भी मंथन किया जाएगा। इस बार लिटफेस्ट में शबाना आजमी, मनीषा कोइराला, शर्मिला टैगोर और गुलशन ग्रोवर ने आने को हामी भर दी है।
कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट 11 अक्तूबर से शुरू होगा। लेखक और कवि जावेद अख्तर से भी बातचीत चल रही है लेकिन, अभी तक उनके आने को लेकर आयोजन समिति को हरी झंडी नहीं मिली है। खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह ने बताया कि लिटफेस्ट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पहली बार हिमाचल पर होगा मंथन
दस अक्तूबर से लोग कसौली पहुंचना शुरू हो जाएंगे। 11 अक्तूबर को सुबह साढ़े ग्यारह बजे से कार्यक्रम के पहले सत्र की शुरुआत होगी। लिटफेस्ट में लेखक और बुद्धिजीवी पहली बार हिमाचल में पर्यावरण बदलाव पर भी मंथन करेंगे। कसौली में वर्ष 2012 से निरंतर आयोजित हो रहे खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में पहुंचने वाले साहित्यकार इस दौरान यहां आए बदलावों पर चर्चा करेंगे।
राहुल सिंह ने बताया कि पर्यावरण पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र तय किया गया है। जिसमें हिमाचल के पर्यावरण पर चर्चा होगी। यह पहला मौका है जब लिटफेस्ट में राष्ट्रभर के बुद्धिजीवी हिमाचल के विषय पर भी मंथन करेंगे।