शिमला: पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में प्रदेश भर में मचा हड़कंप, पहले भी सामने आ चुके मामले
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गगल थाने में मामला दर्ज होने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परीक्षा रद्द करने का एलान कर दिया। दिन भर सचिवालय और पुलिस कार्यालय में जानकारी लेने के लिए फोन की घंटियां बजती रहीं।
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पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के पेपर लीक मामले में प्रदेश भर में हड़कंप मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गगल थाने में मामला दर्ज होने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परीक्षा रद्द करने का एलान कर दिया। दिन भर सचिवालय और पुलिस कार्यालय में जानकारी लेने के लिए फोन की घंटियां बजती रहीं। कार्यालयों में अधिकारियों से लेकर राहगीरों की जुबां पर पेपर लीक मामले की ही बात रही। उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार सुबह की पुलिस अधिकारियों को ओकओवर बुलाकर बैठक की। हिमाचल में पेपर लीक होने यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहे हैं। वर्ष 2019-20 में पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा रद्द हुई थी। जिला मंडी के दो सेंटरों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) का पेपर लीक होने पर इन सेंटर में परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।
हिमाचल में पहले भी लीक हो चुके हैं पेपर
- साल 2019-20 में भी पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा का पेपर रद्द हो गया था। उस दौरान परीक्षा केंद्र में सात अन्य फर्जी लोग परीक्षा देते पकड़े गए थे। यह परीक्षा कांस्टेबलों के 1063 पदों के लिए हुई थी। 38 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी थी। हाल ही में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी का भी पेपर भी लीक होने की बात सामने आई है। मंडी के दो केंद्रों में यह परीक्षा रद्द हुई है। इस मामले में जांच जारी है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई सरकार करेगी। प्रदेश में कंडक्टर भर्ती के तहत कुछ उम्मीदवारों से डिजिटल उपकरण भी पकड़े गए थे। प्रदेश में पटवारी की भर्ती भी सुर्खियों में रही। बाद में सीबीआई ने उस भर्ती को क्लीन चिट दे दी थी।
भर्तियों को लेकर सरकार गंभीर : सुरेश
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती का पेपर लीक होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और पूर्व पुलिस महानिदेशक आईडी भंडारी के आरोपों पर सुरेश भारद्वाज ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान अफसरों पर सरकार का दबाव होता होगा। हमारी सरकार में ऐसी स्थिति नहीं है। अगर भंडारी के पास मिलीभगत के सुबूत हैं तो वो उसे सिद्ध करें।