खतरे के निशान पर पहुंचा इन दो बांधों का जलस्तर, प्रबंधन ने खोले गेट
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गर्मी से ग्लेश्यिर और बर्फ पिघलने के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में इजाफा हो गया है। नदी पर बने दो प्रमुख बांधों में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। सोमवार सुबह दोनों बांधों से पानी छोड़ना पड़ा है।
सुबह करीब साढ़े छह बजे लारजी और पंडोह डैमों से ब्यास में पानी छोड़ा गया है। बीबीएमबी प्रबंधन ने जिला प्रशासन और नदी किनारे आने वाली पंचायतों को सूचित कर दिया है।
डैम प्रबंधन की सायरन वैन नदी किनारे लोगों को आगाह कर रही है कि वे नदी किनारे न जाएं। बीबीएमबी के कार्यकारी अधिशाषी अभियंता राजेश हांडा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण पानी छोड़ा गया है।
दूर होगी पेयजल किल्लत
लारजी डैम से पानी छोड़ने के कारण पंडोह डैम का जलस्तर बढ़ गया था, जिस कारण पानी छोड़ना पड़ा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ब्यास नदी के किनारे न जाएं। अभी पानी छोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
गर्मियों के दिनों में पेयजल समस्या से विकराल रूप धारण कर लिया है। चारों तरफ पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आईपीएच विभाग इसे गर्मी के कारण जलस्रोतों का सूखना बता रहा है।
तो वहीं ऊपरी क्षेत्रों में बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। ऐसे में नदियों पर आश्रित उठाऊ पेयजल योजनाओं के लिए यह संजीवनी से कम नहीं। हालांकि, पानी में काफी सिल्ट भी है।