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सीमेंट प्लांट में जाएगा शहरी निकायों का कूड़ा, मंत्री ने दी जानकारी
Fri, 04 Oct 2019 09:28 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 04 Oct 2019 09:28 PM IST
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ठोस कचरा प्रबंधन के लिए प्रदेश में विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों को 10 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। यह जानकारी शहरी विकास, नगर नियोजन एवं आवास मंत्री सरवीण चौधरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के तहत होटल हॉलीडे होम में एक दिवसीय सुपर 111 अभियान का शुभारंभ करने के उपरांत दी। इस दौरान शहरी विकास विभाग ने एसीसी बरमाणा और अंबुजा सीमेंट कंपनी के साथ एमओयू समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए।
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इस समझौते के तहत सीमेंट प्लांट नॉन रिसाइकेबल और नॉन बायोडिग्रेडेबल कूड़े को शहरी नगर निकायों से निशुल्क एकत्र करेगा। जिसे सीमेंट प्लांट में ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाएगा। विभाग अब अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के साथ भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर करेगा। चौधरी ने बताया कि एसीसी बरमाणा जिला बिलासपुर, जिला मंडी और जिला कुल्लू के 14 शहरी स्थानीय निकायों, अंबुजा सीमेंट कंपनी जिला सोलन, जिला शिमला व जिला कांगड़ा के कुल 23 शहरी स्थानीय निकायों से ठोस एवं तरल कचरा एकत्र करेगा।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन के निपटान के लिए 111 दिन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए प्रदेश में विभिन्न शहरी निकायों को 47 बेलिंग मशीन, 10 ट्रॉमल मशीन तथा 54 सेनेटरी इंसीनेटर प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि शिमला व धर्मशाला में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 322 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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उन्होंने कहा कि अमृत मिशन के तहत 166 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 26 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 52 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 26 करोड़ की राशि शहरी स्थानीय निकायों को उपलब्ध करवाई गई है। शहरी विकास विभाग के निदेशक रामकुमार गौतम ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। सचिव शहरी विकास सी पाल रासू ने शहरी विकास विभाग की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया।