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कांगड़ा: दूसरे गांव जाने से रोकने के लिए खुद ही नाके लगा रहे ग्रामीण
Sat, 22 May 2021 12:52 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, मुल्थान (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, मुल्थान (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 22 May 2021 12:52 PM IST
सार
ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना संक्रमण से गांव को बचाने के लिए वे प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण सहयोग करते रहेंगे। जरूरत पड़ी तो खुद नाके लगाकर लोगों को दूसरे गांवों में जाने से रोकेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के मुल्थान से 12 किलोमीटर दूर 250 परिवारों की 1200 जनसंख्या वाली कोठी कोढ़ पंचायत में एक भी कोरोना का मरीज सामने नहीं आया है। पंचायत प्रधान रक्षादेवी, सचिव यशपाल, सदस्य जगदीश, कुसमा, रिनु नारदा व रूप सिंह ने बताया कि जब कोरोना की दूसरी लहर आई तो गांवों में लोगों के सहयोग से कमेटियां बनाई गईं। गांव के लोगों ने एक-दूसरे के गांव में जाने पर भी पाबंदी लगाई है।
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खुद गांव के लोग नाके लगाते हैं। लोग पिछले साल से ही जागरूक हो गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि कोठीकोढ़ में राशन डिपो और पीएचसी भी साथ हैं। लोग सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि पंचायत के लोग मुल्थान व बरोट बाजार भी नहीं जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से गांव को बचाने के लिए वे प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण सहयोग करते रहेंगे। जरूरत पड़ी तो खुद नाके लगाकर लोगों को दूसरे गांवों में जाने से रोकेंगे।
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