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किन्नौर की बोलियों पर विवि भी करेगा शोध : प्रो. शिवराम
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विवि में संवाद सत्र का किया आयोजन
ऑस्ट्रिया के डॉ. क्रिस्टियन हयूब्र ने दी प्रस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के जनजातीय अध्ययन संस्थान के कमेटी रूम में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संवाद सत्र में विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने डाॅ. क्रिस्टियन हयूब्र का प्रदेश में विलुप्त हो रही बोलियों पर किए शोध की सराहना की और कहा कि भविष्य में ऐसे आवश्यक विषयों पर प्रदेश विवि भी शोध करेगा। ऑस्ट्रिया से आए डॉ. क्रिस्टियन हयूब्र ने किन्नौर में लुप्त होती बोलियों पर किए शोध पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि किन्नौरी किनौर में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हयूब्र ने कहा कि किन्नौर की बोलियां लुप्त होती जा रही हैं जोकि चिंता का विषय है।
कार्यक्रम में डॉ. अंजना ठाकुर सह-निदेशक ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। कार्यक्रम में जन-जातीय परिषद के सलाहकार केसर नंद नेगी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर विवि की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ममता मोक्टा, अधिष्ठाता सामाजिक विज्ञान प्रो. अपर्णा नेगी और विभिन्न विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
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ऑस्ट्रिया के डॉ. क्रिस्टियन हयूब्र ने दी प्रस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के जनजातीय अध्ययन संस्थान के कमेटी रूम में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संवाद सत्र में विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने डाॅ. क्रिस्टियन हयूब्र का प्रदेश में विलुप्त हो रही बोलियों पर किए शोध की सराहना की और कहा कि भविष्य में ऐसे आवश्यक विषयों पर प्रदेश विवि भी शोध करेगा। ऑस्ट्रिया से आए डॉ. क्रिस्टियन हयूब्र ने किन्नौर में लुप्त होती बोलियों पर किए शोध पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि किन्नौरी किनौर में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हयूब्र ने कहा कि किन्नौर की बोलियां लुप्त होती जा रही हैं जोकि चिंता का विषय है।
कार्यक्रम में डॉ. अंजना ठाकुर सह-निदेशक ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। कार्यक्रम में जन-जातीय परिषद के सलाहकार केसर नंद नेगी भी मौजूद रहे।
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इस मौके पर विवि की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ममता मोक्टा, अधिष्ठाता सामाजिक विज्ञान प्रो. अपर्णा नेगी और विभिन्न विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
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