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रोहतांग: 17 घंटों में 20 किमी बर्फ में चलकर दूसरे दिन सरचू पहुंची बीआरओ की टीम
Tue, 16 Mar 2021 11:02 AM IST
Krishan Singh
रतन कटोच, अमर उजाला, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
रतन कटोच, अमर उजाला, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 16 Mar 2021 11:02 AM IST
सार
- बारालाचा दर्रे से सरचू तक बर्फ हटाने की शुरुआत
- बीआरओ की टीम ने 17 घंटे तक बर्फ में किया पैदल सफर
- 20 किलोमीटर का बर्फीला रास्ता तय कर सरचू कैंप पहुंची टीम
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मनाली-लेह मार्ग पर बर्फ हटाता बीआरओ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बारालाचा दर्रे से सरचू तक बर्फ हटाने की शुरुआत करने के लिए बीआरओ की पांच सदस्यीय टेक्निकल टीम ने 17 घंटे तक दो दिन बर्फ में पैदल सफर किया। करीब 20 किलोमीटर का बर्फीला रास्ता तय कर टीम सरचू कैंप पहुंची। इस मार्ग पर 15 से 20 फीट तक बर्फ है। टीम सदस्यों ने माइनस डिग्री तापमान में रात भी बर्फ के बीच पत्थरों पर बिताई। 70 आरसीसी की टेक्निकल टीम ने बारालाचा में बीआरओ की मशीनरी का दुरुस्त किया जिसके बाद सोमवार से बारालाचा और सरचू मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू हो गया है।
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13 मार्च को बीआरओ की टीम अपना काम निपटा बारालाचा से सरचू जाने के लिए तैयार थी। मौसम खराब होने से हेलीकाप्टर नहीं उड़ा तो टीम पैदल ही निकल पड़ी। सुबह नौ बजे टीम निकली और 10 घंटे बाद शाम 7 बजे तक मात्र 13 किलोमीटर का पैदल सफर ही बर्फ में तय कर पाए। इसके बाद रात पत्थरों पर स्लीपिंग बैग में गुजारी। अगले दिन सुबह 8.30 बजे टीम निकली और सरचू तक का सात किमी का सफर 8 घंटे में पार किया और शाम को सरचू पहुंची।
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टीम में एक जेई और पांच सदस्यों के साथ टीम पूरी किट के साथ थी। 38 बीरटीएफ के कमांडर कर्नल उमाशंकर ने कहा कि बारालाचा ला को मार्च महीने में ही खोला जाएगा। इसका फायदा सेना के साथ आम लोगों को मिलेगा। लद्दाख में लेह का जिला लाहौल-स्पीति का संपर्क जल्द जुड़ जाएगा। अटल टनल से पहले मुख्य फोकस रोहतांग दर्रे को खोलने पर हुआ करता था। लेकिन इस बार बारलाचा ला पास खोलने की योजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि एक जेई और पांच सदस्यों के साथ टीम पूरी किट के साथ दो दिनों के प्रयास के बाद टीम सरचू पहुंची है।
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