{"_id":"69ef6a57f70febaa810b1946","slug":"the-taj-mahal-the-great-wall-of-china-and-seven-other-wonders-will-be-visible-on-the-ridge-mall-road-shimla-news-c-19-sml1002-712268-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: रिज-मालरोड पर दिखेंगे ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना समेत सात अजूबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: रिज-मालरोड पर दिखेंगे ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना समेत सात अजूबे
विज्ञापन
शिमला में बेकार पड़े लोहे के कबाड़ से दिल्ली की कंपनी तैयार कर रही सात अजूबों की कलाकृतियां, बनेंगे सेल्फी प्वाइंट
महापौर की अगुवाई में निगम ने चिह्नित किए स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना समेत दुनिया के सात अजूबों की झलक अब राजधानी शिमला में ही देखने को मिलेगी। यहां ऐतिहासिक रिज मैदान और मालरोड पर इन अबूजों को स्थापित किया जा रहा है। नगर निगम अगले महीने इन्हें शहर में स्थापित कर देगा।
खास बात यह है कि शहर में बेकार पड़े लोहे और अन्य सामान से यह अजूबे तैयार किए जा रहे हैं। दिल्ली की कंपनी इनका निर्माण कर रही है। ज्यादातर अजूबे दिल्ली में तैयार किए जा रहे हैं। एक का निर्माण भरयाल में किया जा रहा है। महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में सोमवार को नगर निगम की टीम ने रिज मैदान और मालरोड का निरीक्षण कर स्थान चिह्नित कर दिए हैं। इनमें रिज मैदान पर दो वंडर्स स्थापित होंगे। इसके अलावा स्कैंडल प्वाइंट, गेयटी स्थित मैहरू स्वीट शॉप के पास, रोटरी टाउन हॉल और रानी झांसी पार्क के पास भी एक-एक अजूबे को स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा मौके पर प्लेटफार्म बनाने के निर्देश दिए हैं। इनका आकार 15 से 25 फीट के बीच रहेगा। बाहर पाॅलिश तो अंदर रंग बिरंगी लाइटों से इन्हें चमकाया जाएगा। नगर निगम के अनुसार यह शहर में नए सेल्फी प्वाइंट बनेंगे।
बंदरों की उछलकूद का नहीं पड़ेगा असर
नगर निगम का दावा है कि इन अजूबों को मजबूती के साथ स्थापित किया जाएगा। शहर के उत्पाती बंदर इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि मई में इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। इससे शहर की खूबसूरती बढ़ेगी। सैलानियों के लिए भी यह सेल्फी प्वाइंट साबित होंगे। इनकी खासियत यह है कि लोहे के कबाड़ से इनका निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में निगम शहर के दूसरे स्थानों पर भी बेकार पड़ी चीजों से पार्क तैयार करेगा।
विज्ञापन
यह हैं सात अजूबे होंगे स्थापित
शहर में ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, जॉर्डन के पेत्रा, इटली का द कोलिजियम, मैक्सिको की चिचेन इटजा, ब्राजील का क्राइस्ट द रीडिमर, पेरू के मच्चू पिकू की कलाकृतियां स्थापित की जा रही हैं। इनके इतिहास और खासियत का भी उल्लेख किया जाएगा।
विज्ञापन
महापौर की अगुवाई में निगम ने चिह्नित किए स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना समेत दुनिया के सात अजूबों की झलक अब राजधानी शिमला में ही देखने को मिलेगी। यहां ऐतिहासिक रिज मैदान और मालरोड पर इन अबूजों को स्थापित किया जा रहा है। नगर निगम अगले महीने इन्हें शहर में स्थापित कर देगा।
खास बात यह है कि शहर में बेकार पड़े लोहे और अन्य सामान से यह अजूबे तैयार किए जा रहे हैं। दिल्ली की कंपनी इनका निर्माण कर रही है। ज्यादातर अजूबे दिल्ली में तैयार किए जा रहे हैं। एक का निर्माण भरयाल में किया जा रहा है। महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल की अध्यक्षता में सोमवार को नगर निगम की टीम ने रिज मैदान और मालरोड का निरीक्षण कर स्थान चिह्नित कर दिए हैं। इनमें रिज मैदान पर दो वंडर्स स्थापित होंगे। इसके अलावा स्कैंडल प्वाइंट, गेयटी स्थित मैहरू स्वीट शॉप के पास, रोटरी टाउन हॉल और रानी झांसी पार्क के पास भी एक-एक अजूबे को स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा मौके पर प्लेटफार्म बनाने के निर्देश दिए हैं। इनका आकार 15 से 25 फीट के बीच रहेगा। बाहर पाॅलिश तो अंदर रंग बिरंगी लाइटों से इन्हें चमकाया जाएगा। नगर निगम के अनुसार यह शहर में नए सेल्फी प्वाइंट बनेंगे।
विज्ञापन
बंदरों की उछलकूद का नहीं पड़ेगा असर
नगर निगम का दावा है कि इन अजूबों को मजबूती के साथ स्थापित किया जाएगा। शहर के उत्पाती बंदर इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि मई में इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। इससे शहर की खूबसूरती बढ़ेगी। सैलानियों के लिए भी यह सेल्फी प्वाइंट साबित होंगे। इनकी खासियत यह है कि लोहे के कबाड़ से इनका निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में निगम शहर के दूसरे स्थानों पर भी बेकार पड़ी चीजों से पार्क तैयार करेगा।
विज्ञापन
यह हैं सात अजूबे होंगे स्थापित
शहर में ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, जॉर्डन के पेत्रा, इटली का द कोलिजियम, मैक्सिको की चिचेन इटजा, ब्राजील का क्राइस्ट द रीडिमर, पेरू के मच्चू पिकू की कलाकृतियां स्थापित की जा रही हैं। इनके इतिहास और खासियत का भी उल्लेख किया जाएगा।