हिमाचल में अब ऐसे तय होंगे खुले बाजार में बिकने वाली खाद्य वस्तुओं के दाम
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पेट्रोल और डीजल के दामों की तर्ज पर अब हिमाचल में खाद्य वस्तुओं के दाम भी रोजाना तय होंगे। अगर बाजार में उछाल आता है तो दाम बढ़ जाएंगे और बाजार में गिरावट आती है तो दाम गिर जाएंगे।
हिमाचल में अब इसी आधार पर होटल, रेस्तरां, ढाबों सहित फल और सब्जियों के दाम तय होंगे। सरकार का तर्क है कि कारोबारी मर्जी से रेट नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार का इन पर कंट्रोल रहेगा। जयराम सरकार ने वर्ष 2018 बजट भाषण के दौरान में विधानसभा में बिल पास किया था।
अब इसे लागू किया गया है। हिमाचल के कारोबारी लंबे समय से इंस्पेक्टर राज को खत्म करने की मांग कर रहे थे। इसके चलते जयराम सरकार ने बीते वर्ष बजट सत्र में इस प्रस्ताव को विधानसभा में लाया गया था।
अभी तक जिलों के होटल और ढाबों में खान पान की वस्तुओं के अलावा फल और सब्जियों के रेट जिला प्रशासन तय करता था। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के इंस्पेक्टर फील्ड में जाकर कारोबारियों की रेट लिस्ट की चैकिंग करते थे, लेकिन अब खाद्य आपूर्ति विभाग से यह शक्तियां छीन ली गई हैं।
कारोबारियों पर नजर रखना सरकार के लिए चुनौती
अप्रत्यक्ष रूप से कारोबारियों पर चेकिंग के चलते कारोबारियों को लूट की खुली छूट दे दी है। कारोबारी आपस में मिलकर रेट तय कर सकेंगे। इसमें कारोबारियों की चांदी होगी और मार प्रदेश की जनता को झेलनी पड़ेगी।
मार्केट तय करेगी रेट
कारोबारी मनमर्जी से दाम नहीं बढ़ा सकेंगे। प्रदेश सरकार का इन पर कंट्रोल रहेगा। रेट मार्केट के हिसाब से घटे और बढ़ाए जा सकेंगे।
- ओंकार शर्मा, प्रधान सचिव खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग
अंधेर नगरी चौपट राजा नहीं होगा : निदेशक
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक मदन चौहान ने बताया कि अंधेर नगरी चौपट राजा नहीं होगा। विभाग का मार्केट पर चैक होगा।