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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The patient was carried on stick to the road by walking four kilometers with a stick in Haripurdhar Sirmaur

Sirmaur: चार किलोमीटर पैदल चल डंडे से बांधकर सड़क तक पहुंचाया मरीज

Tue, 20 Sep 2022 11:05 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुरधार (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुरधार (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 20 Sep 2022 11:05 PM IST
सार

प्रदेश के जिला सिरमौर के हरिपुरधार में एक मरीज को डंडे से बांधकर पहले चार किलोमीटर की पैदल चढ़ाई चढ़कर सड़क तक पहुंचाया गया। फिर उसे अस्पताल ले जाया गया और उपचार दिया गया। घटना क्षेत्र के कूना गांव की है। 

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The patient was carried on stick to the road by walking four kilometers with a stick in  Haripurdhar Sirmaur
डंडे से बांधकर सड़क तक पहुंचाया मरीज - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के हरिपुरधार में एक मरीज को डंडे से बांधकर पहले चार किलोमीटर की पैदल चढ़ाई चढ़कर सड़क तक पहुंचाया गया। फिर उसे अस्पताल ले जाया गया और उपचार दिया गया। घटना क्षेत्र के कूना गांव की है। जिला सिरमौर की दुर्गम पंचायत बढ़ोल के सवाड़ी-कूना गांव के 42 वर्षीय नैन सिंह की रात को अचानक तबियत बिगड़ गई थी। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार ने आसपास के लोगों को सूचित किया तो आधी रात के बाद कूना और सवाड़ी के ग्रामीण नैन सिंह के घर पहुंचे। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने का कोई विकल्प नजर नहीं आया। क्योंकि गांव से सड़क चार किलोमीटर दूर खड़ी चढ़ाई पर है। कुछ न सूझा तो ग्रामीणों ने सड़क तक ले जाने के लिए मरीज को चादर में लेटा कर लकड़ी के एक डंडे से बांध दिया। 

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रात 2:00 बजे ग्रामीण नैन सिंह को लेकर अस्पताल के लिए निकले। चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद सुबह करीब 5:00 बजे बढ़ोल में सड़क पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद मरीज को लोगों ने सड़क पर तो पहुंचा दिया लेकिन समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। करीब दो घंटे तक ग्रामीण मरीज को लेकर सड़क पर एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। करीब 7 बजे मरीज को एंबुलेंस से संगड़ाह ले जाया गया। संगडाह में प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर कर दिया। जहां उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, कूना और सवाड़ी गांव में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई। इससे पहले भी गांव के मरीजों को इसी तरीके से सड़क तक पहुंचाया जा चुका है। ग्रामीणों के अनुसार नैन सिंह पैरालाइज से पीड़ित है, जिसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
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2012 में सड़क मंजूर, 2016 में शिलान्यास, आज भी अधूरी
कूना निवासी नरेश शर्मा ने बताया कि 2012 में बढ़ोल से चुनौटी तक चार किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए सरकार ने मंजूरी प्रदान की थी। 2016 में विधायक विनय कुमार ने सड़क का शिलान्यास किया, लेकिन आज तक भी ये सड़क अधूरी है। कूना गांव के समीप अभी तक न तो पुल बन पाए, न ही पुलियों और डंगे का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है। बरसात के दौरान भूस्खलन से सड़क कई जगह बंद है। विभाग को जल्द सड़क का कार्य पूरा करना चाहिए ताकि, लोगों की दिक्कतें कम हो सकें।

बरसात से बाधित हुआ कार्य
अधिशासी अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि बरसात की वजह से सड़क का निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। इस सड़क में कलवट का कुछ कार्य शेष है। मौसम खुलते ही कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसका कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।

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