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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The longest bridge of Bilaspur Leh railway line will be built on the hill in Kullu himachal

कुल्लू में पहाड़ी पर बनेगा बिलासपुर-लेह रेललाइन का सबसे लंबा पुल

Tue, 08 Jun 2021 05:00 AM IST
Krishan Singh सरोज पाठक, अमर उजाला, बिलासपुर
सरोज पाठक, अमर उजाला, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Tue, 08 Jun 2021 05:00 AM IST
सार

उत्तर रेलवे ने बिलासपुर से लेह तक सर्वे और अलाइनमेंट रिफाइनमेंट का कार्य पूरा कर लिया है। विशेषज्ञों ने परियोजना की अलाइनमेंट भी लिडार सर्वे के आधार पर फाइनल कर दी है। 

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The longest bridge of Bilaspur Leh railway line will be built on the hill in Kullu himachal
पुल(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सामरिक महत्व की बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन परियोजना का सबसे लंबा पुल कुल्लू के नग्गर में कर्जन गांव में बनेगा। इस पुल की लंबाई 1.2 किलोमीटर होगी। यह पुल किसी नदी पर नहीं बल्कि एक पहाड़ी पर बनेगा। 

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उत्तर रेलवे ने बिलासपुर से लेह तक सर्वे और अलाइनमेंट रिफाइनमेंट का कार्य पूरा कर लिया है। विशेषज्ञों ने परियोजना की अलाइनमेंट भी लिडार सर्वे के आधार पर फाइनल कर दी है। अब विशेषज्ञ इसमें बनने वाले पुलों और टनलों के डिजाइन पर कार्य कर रहे हैं। सामरिक, व्यापारिक और पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण रक्षा मंत्रालय की परियोजना की डीपीआर दिसंबर 2021 तक तैयार की जानी है।
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इसके लिए उत्तर रेलवे के इंजीनियरों सहित यूक्सेल प्रोजे, तुर्की के जियोलॉजिस्ट, सासे, आईआईटी रूड़की के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। सैटेलाइट सर्वे के बाद लिडार सर्वे कर विशेषज्ञों ने परियोजना के फेज-2 की अलाइनमेंट फाइनल कर दी है। इस अलाइनमेंट को फाइनल करने से पहले तुर्की के विशेषज्ञों ने इसे रिफाइन भी किया है। जियोलॉजिस्टों ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया है कि जहां पर पुलों और टनलों का निर्माण होना है, वो पहाड़ पक्के हों ताकि निर्माण के समय इसमें कोई समस्या न आए। इसके अलावा इस परियोजना को इको फ्रेंडली बनाने के लिए भी कार्य किया गया है, जिसकी रिपोर्ट भी तैयार है। इस परियोजना का फील्ड वर्क भी पूरा हो चुका है। 
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रिपोर्ट का विश्लेषण कर लागत का आकलन कार्य शुरू किया जाएगा। इसे शुरू होने में करीब तीन माह का समय लगेगा। दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण इस परियोजना को पूरा करने के लिए तुर्की के विशेषज्ञों समेत देश के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। उत्तर रेलवे दिसंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय को इस परियोजना की डीपीआर सौंपेगा।  - दिनेश त्रिपाठी, परियोजना निदेशक, उत्तर रेलवे के चीफ इंजीनियर 

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