हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को तोहफा देते पदोन्नति नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। इससे शहरी निकायों में तैनात कर्मचारियों को प्रमोशन का रास्ता खुल गया है।
प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को वन टाइम रिलैक्सेशन देने का फैसला लिया है। सरकार ने शहरी विकास विभाग से ऐसे कर्मचारियों का आंकड़ा मांगा है जिनकी शैक्षणिक योग्यता कम है और आरएंडपी रूल्स से मुताबिक इनकी पदोन्नति नहीं हो रही है।
इनमें कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी अनुबंध पर सेवाएं देते हुए 10 साल से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक नियमित नहीं हुए हैं। कई कर्मचारी बिना नियमित हुए सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
14 सालों से देख रहे थे पदोन्नति की राह
प्रदेश में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में 10 हजार के करीब कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी आरएंडपी रूल्स के मुताबिक पदोन्नति नहीं हो रही थी। यह कर्मचारी पिछले 14 सालों से पदोन्नति की राह देख रहे थे।
इस श्रेणी में अनुबंध कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, बेलदार और चौकीदार शामिल हैं। प्रदेश में 1 नगर निगम, 29 नगर परिषद और 20 नगर पंचायतें हैं।
इनमें कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी अनुबंध पर सेवाएं देते हुए 10 साल से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक नियमित नहीं हुए हैं। कई कर्मचारी बिना नियमित हुए सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
अपने फैसले खुद ले सकेंगे शहरी निकाय
प्रदेश सकार ने नगर निगम शिमला,नगर परिषद और नगर पंचायतों को अपने स्तर पर कई तरह के फैसले ले सकेंगे। इसको लेकर भी सरकार ने मंजूरी दे दी है। मगर इसके साथ ही कहा है कि शहरी निकाय अपनी वित्तीय स्थिति देखकर फैसलें ले।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि शहरी निकायों की मांगे काफी समय से लंबित थी। मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय होने के बाद कर्मचारियों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट सहित शहरी निकायों की शक्तियां बढ़ाने पर भी सहमति हुई है।