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Shimla News: आईजीएमसी के इमरजेंसी विभाग की सीटी स्कैन मशीन खराब, मरीज परेशान

Tue, 31 Mar 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:59 PM IST
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The CT scan machine in the IGMC emergency department is out of order, leaving patients distressed.
अस्पताल में पहले से खराब चल रही है एक मशीन, अब दूसरे अस्पतालों में स्कैन के लिए भेजे जा रहे हैं मरीज
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निजी क्लीनिकों में दोगुना दरों पर होते हैं सीटी स्कैन

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के इमरजेंसी विभाग में लगी सीटी स्कैन मशीन भी मंगलवार को खराब हो गई। अस्पताल की एक पुरानी मशीन पहले से ही खराब थी और अब इमरजेंसी में लगी नई मशीन भी बंद हो गई। इसके चलते मरीजों को समय पर जांच सुविधा नहीं मिल पाई और उन्हें निजी लैब का रुख करना पड़ा।

मशीन बंद रहने के बाद मरीजों को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल और अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना भेजा गया। कई मरीजों को निजी लैब में जाना पड़ा जहां जांच करवाना काफी महंगा साबित हुआ। इमरजेंसी के समय मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाना भी मुश्किल रहा। आईजीएमसी हर दिन करीब 50 से 100 सीटी स्कैन किए जाते हैं जिनमें सड़क हादसे, सिर की चोट, स्ट्रोक और अन्य गंभीर मामलों के मरीज शामिल रहते हैं। इमरजेंसी में सीटी स्कैन सबसे जरूरी जांच होती लेकिन मशीन बंद रहने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। आईजीएमसी में सीटी स्कैन 300 रुपये से 1500 रुपये तक होता है जबकि निजी लैब में यही जांच 3000 से 7000 रुपये तक होती है। कुछ खास जांचों के लिए मरीजों को 10 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता।मरीजों और उनके परिजनों को सबसे ज्यादा परेशानी समय पर जांच न मिलने से हुई। इमरजेंसी में कई मामलों में तुरंत सीटी स्कैन जरूरी होता है लेकिन मशीन बंद रहने के कारण उपचार में देरी हुई।
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मरीजों को एंबुलेंस में ले जाना पड़ा दूसरे अस्पताल
कई मरीजों को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ने का खतरा बढ़ा। तीमारदारों को बाहर जांच करवाने में समय और पैसा दोनों ज्यादा लगे। इस मामले के बारे में जब आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव से बात करने की कोशिश की तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला कि मशीन कब ठीक होगी।
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