हाईकोर्ट ने सरकार से तलब किया पशु अभ्यारण्यों का ब्योरा
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हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पशु अभ्यारण्यों का ब्योरा तलब किया है। जनहित याचिका की सुनवाई के बाद न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने पूछा है कि सिरमौर, सोलन, ऊना और हमीरपुर में पशु अभ्यारण्यों बनाए जाने बारे कितनी प्रगति हुई है।
कितनी राशि खर्च की जा चुकी है और बाकी जिलों में पशु अभ्यारण्यों स्थापित करने बारे क्या कदम उठाए गए हैं। मुख्य सचिव से शपथपत्र में यह जानकारी मांगी गई है। 14 अगस्त को इस मामले पर आगामी सुनवाई होगी। उधर, राज्य सरकार ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि आवारा पशुओं के रखरखाव के लिए हिमाचल प्रदेश गोवंश संरक्षण और संवर्द्धन अधिनियम 2018 बनाया गया है।
इस अधिनियम के तहत प्रदेश के हर जिले में पशु अभ्यारण्य स्थापित करेंगे। यहां पर लावारिस पशु खासतौर पर गायों को सुरक्षित रखा जाएगा। अदालत को बताया गया कि अधिनियम के नियमों के अनुसार सिरमौर, सोलन, ऊना और हमीरपुर में पशु अभ्यारण्य बनाए जाने के लिए उचित राशि जारी कर दी गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में पशु अभ्यारण्य बनाने के लिए भूमि तलाशने बारे प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेशों में राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह सुनिश्चित करे कि हर पशु अभ्यारण में सारी मूलभूत सुविधाएं हों। विपरीत मौसम के लिए पशुओं को शेड बनाया जाए। चारे के लिए उचित प्रबंध किया जाए। आम जनता को भी जागरूक करें ताकि लोग लावारिस पशुओं को पशु अभ्यारण्य में चारा दान कर सकें।
हाईकोर्ट ने एसपी चंबा और हमीरपुर को दिए जांच के आदेश
अग्रिम जमानत दिए जाने के बावजूद नादौन पुलिस द्वारा चंबा के सात लोगों के साथ थाने में चार घंटे तक मारपीट करने के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने एसपी हमीरपुर और एसपी चंबा को आदेश दिए हैं कि वे जांच करें और शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को अवगत करवाएं।
मामले के अनुसार चंबा के देह्ग्राम गांव के निवासी याकूब, रशीद मोहम्मद, बशीर मोहम्मद, अमीना, राज बेगम, दीन खान और रमजान के खिलाफ चंबा के तीसा पुलिस स्टेशन में पुलिस के साथ मारपीट करने बारे मामला दर्ज हुआ था जिसकी छानबीन तीसा पुलिस कर रही है। इस मामले में प्रार्थियों ने हाईकोर्ट के समक्ष अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने इन सभी को पांच जुलाई को अग्रिम जमानत दे दी। जब प्रार्थी हाईकोर्ट के आदेशों की सत्यापित प्रति लेकर चंबा जा रहे थे तो उस दौरान नादौन में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। प्रार्थी द्वारा हाईकोर्ट के आदेश दिखाए जाने के बावजूद पुलिस थाने ले गई और मारपीट की।