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Shimla News: टैक्स भरा नहीं, कार्रवाई होने लगी तो रिश्वत देने पहुंच गया कारोबारी
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नगर निगम के दफ्तर में रख गया पैसों से भरा लिफाफा, बाद में अधिकारियों ने तलब कर लौटाया
एमसी ने कहा, दोबारा ऐसी हरकत की तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मालरोड के एक नामी कारोबारी ने नगर निगम के नोटिस के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा। निगम ने जब कार्रवाई के लिए नोटिस निकाले तो राहत पाने के लिए कारोबारी पैसों से भरा लिफाफा लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच गया।
यहां टैक्स शाखा अधीक्षक विकास शर्मा से कुछ दिन की मोहलत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह चेक देकर किस्तों में टैक्स चुका देगा। निगम उस पर कार्रवाई न करे। नगर निगम के अनुसार कारोबारी से टैक्स के करीब दस लाख रुपये लिए जाने हैं। इसे किस्तों में टैक्स जमा करने के लिए चेक जमा करने को कहा गया। कारोबारी ने जेब से लिफाफा निकाला और एक टेबल पर रखकर चला गया। अधीक्षक समेत कर्मचारियों ने जब यह लिफाफा खोला तो उसमें बैंक चेक की जगह 500-500 के कई नोट थे। पैसों से भरा लिफाफा देखकर शाखा के कर्मचारी भी हैरान रह गए। संपर्क करने पर कारोबारी वापस नहीं आया।
नगर निगम ने इसे दोबारा दफ्तर तलब किया। कारोबारी जब दोबारा दफ्तर पहुंचा तो अधीक्षक ने कर्मचारियों को बुलाकर पैसों से भरा लिफाफा वापस थमा दिया। चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें दोबारा की तो सख्ती होगी। अधीक्षक ने कहा कि इस तरह पैसे बांटने की बजाय कारोबारी नगर निगम का टैक्स जमा करवाए। नगर निगम के अनुसार कारोबारी पहले भी कई बार चेक दे चुका है लेकिन बैंक में यह बाउंस हो रहे हैं। ऐसे में निगम अब इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस पर केस भी दर्ज हो सकता है।
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नोटिस के बाद चक्कर काट रहे डिफाल्टर
नगर निगम ने टैक्स न चुकाने पर 300 से ज्यादा बड़े डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए हैं। इनका बिजली और पानी काटने की भी तैयारी है। कार्रवाई से बचने के लिए यह डिफाल्टर अब नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं। यहां किस्तों में टैक्स जमा करने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम के अनुसार तीन से चार किस्तों में टैक्स जमा करने की सुविधा दी जा रही है। हालांकि, यदि डिफाल्टरों के दिए गए चेक बाउंस होते हैं तो जुर्माने के साथ उन पर केस भी दर्ज किया जा सकता है।
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एमसी ने कहा, दोबारा ऐसी हरकत की तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मालरोड के एक नामी कारोबारी ने नगर निगम के नोटिस के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा। निगम ने जब कार्रवाई के लिए नोटिस निकाले तो राहत पाने के लिए कारोबारी पैसों से भरा लिफाफा लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच गया।
यहां टैक्स शाखा अधीक्षक विकास शर्मा से कुछ दिन की मोहलत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह चेक देकर किस्तों में टैक्स चुका देगा। निगम उस पर कार्रवाई न करे। नगर निगम के अनुसार कारोबारी से टैक्स के करीब दस लाख रुपये लिए जाने हैं। इसे किस्तों में टैक्स जमा करने के लिए चेक जमा करने को कहा गया। कारोबारी ने जेब से लिफाफा निकाला और एक टेबल पर रखकर चला गया। अधीक्षक समेत कर्मचारियों ने जब यह लिफाफा खोला तो उसमें बैंक चेक की जगह 500-500 के कई नोट थे। पैसों से भरा लिफाफा देखकर शाखा के कर्मचारी भी हैरान रह गए। संपर्क करने पर कारोबारी वापस नहीं आया।
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नगर निगम ने इसे दोबारा दफ्तर तलब किया। कारोबारी जब दोबारा दफ्तर पहुंचा तो अधीक्षक ने कर्मचारियों को बुलाकर पैसों से भरा लिफाफा वापस थमा दिया। चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें दोबारा की तो सख्ती होगी। अधीक्षक ने कहा कि इस तरह पैसे बांटने की बजाय कारोबारी नगर निगम का टैक्स जमा करवाए। नगर निगम के अनुसार कारोबारी पहले भी कई बार चेक दे चुका है लेकिन बैंक में यह बाउंस हो रहे हैं। ऐसे में निगम अब इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस पर केस भी दर्ज हो सकता है।
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नोटिस के बाद चक्कर काट रहे डिफाल्टर
नगर निगम ने टैक्स न चुकाने पर 300 से ज्यादा बड़े डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए हैं। इनका बिजली और पानी काटने की भी तैयारी है। कार्रवाई से बचने के लिए यह डिफाल्टर अब नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं। यहां किस्तों में टैक्स जमा करने की मांग कर रहे हैं। नगर निगम के अनुसार तीन से चार किस्तों में टैक्स जमा करने की सुविधा दी जा रही है। हालांकि, यदि डिफाल्टरों के दिए गए चेक बाउंस होते हैं तो जुर्माने के साथ उन पर केस भी दर्ज किया जा सकता है।