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चीनी गुच्छी के आगे फीका पड़ा हिमाचल का कारोबार, पढ़े पूरा मामला

Thu, 06 Jun 2019 11:30 AM IST
Krishan Singh बलदेव राज, अमर उजाला, कुल्लू
बलदेव राज, अमर उजाला, कुल्लू Published by: Krishan Singh Updated Thu, 06 Jun 2019 11:30 AM IST
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The business of Himachal has faded ahead of the Chinese guchi mushroom
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के जंगलों में प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाली गुच्छी पर इस बार चीन की मार पड़ी है। चीन में गुच्छी को खेती से तैयार किया गया। इससे हिमाचल के गुच्छी के दाम अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी गिर गए हैं।

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पिछली साल 9000 रुपये प्रति किलो तक बिकने वाली गुच्छी अभी 6500 के पार नहीं जा रही है। चीन खेती से तैयार गुच्छी को आधे दामों पर कई देशों में निर्यात कर रहा है। पड़ोसी मुल्क में गुच्छी की खेती होने से इसका असर हिमाचल के गुच्छी व्यापारियों पर पड़ा है। 
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सूबे में फरवरी-मार्च में गुच्छी का सीजन समाप्त हो चुका है। कुल्लू, बंजार सहित अन्य क्षेत्रों के व्यापारियों के पास स्टॉक डंप है। व्यापारी मार्केट में गुच्छी के दाम बेहतर मिलने के इंतजार में हैं, जबकि इस बार घाटी में गुच्छी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।
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जिले के दूरदराज क्षेत्रों में ग्रामीण दो से ढाई महीने तक गुच्छी इकट्ठा करते हैं। जिले में 30 प्रतिशत लोगों की आधा साल की कमाई का जरिया जंगलों में मिलने वाली गुच्छी ही है।

सबसे ज्यादा निर्यात फ्रांस को, वहां भी पहुंचा चीन

जिला स्तरीय बंजार मेले में गुच्छी की अस्थायी मार्केट में गुच्छी काफी अधिक मात्रा में आई, लेकिन किसानों को उचित दाम न मिलने से निराशा हुई। बताया जा रहा है कि गुच्छी के दाम 2017 में 8000 रुपये प्रति किलो थे। 2018 में यह बढ़कर नौ हजार तक पहुंचे थे।

2019 में चीनी गुच्छी के आगे हिमाचल की गुच्छी फीकी हो गई है। गुच्छी के व्यापारी हेमराज शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में हिमाचल की गुच्छी पर चीन में खेती से तैयार गुच्छी की मार पड़ी है।

चीन की सस्ती गुच्छी के चलते हिमाचली गुच्छी के दाम 30 फीसदी गिर गए हैं। सूबे के जंगलों में प्राकृतिक तौर पर उगने वाली गुच्छी को दिल्ली की राष्ट्रीय मार्केट में बेचने के बाद इसे बाहरी देशों को निर्यात किया जाता है।

कुछ कंपनियां भी दवाइयां बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं। भारत से सबसे अधिक गुच्छी का निर्यात फ्रांस के लिए होता है। बताया जा रहा है कि चीन इस बार फ्रांस को गुच्छी बेच रहा है। 

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