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Shimla News: सांसद कश्यप के सामने फूटा शांति विहार टनल के प्रभावितों का गुस्सा
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लोगों ने टनल का कार्य शुरू करवाने से पहले विश्वास में नहीं लेने का लगाया आरोप, न ही दी कार्य की दी गई जानकारी
टनल के सर्वे और एलाइनमेंट पर उठाए गंभीर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के संजौली के शांति विहार और भट्ठाकुफर वार्ड में निर्माणाधीन फोरलेन टनल से प्रभावित लोगों से शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने वीरवार को मुलाकात की।
स्थानीय लोगों ने परियोजना के सर्वे, टनल एलाइनमेंट, भवनों में आई दरारों, सुरक्षा और मुआवजे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और निर्माण कंपनी पर टनल का काम शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप लगाया। नगर निगम के शांति विहार वार्ड के सामुदायिक भवन में इस मामले पर बैठक की गई। सांसद सुरेश कश्यप दो बजे बैठक में पहुंचे। बैठक में सबसे पहले स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा ने पूरे मामले से सांसद को अवगत करवाया। इसके बाद पार्षद नरेंद्र ठाकुर और स्थानीय निवासी गोविंद चतरांटा ने अपनी बात रखी। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों ने सांसद के सामने अपना पक्ष रखा। अधिकारी जैसे ही बोलने लगे प्रभावित लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोगों ने आरोप लगाया कि परियोजना का कार्य पूर्व में किए सर्वे के अनुरूप नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि पहले सर्वे कुछ और था तथा बाद में इसमें बदलाव किया गया। लोगों ने मांग की कि पुराने सर्वे, वर्तमान एलाइनमेंट और निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जानी चाहिए। लोगों ने बताया कि परियोजना शुरू करने से पहले उनसे कोई बातचीत नहीं की गई और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि टनल और आवासीय भवनों के बीच कुछ स्थानों पर दूरी कम है। इस मौके जिला परिषद सदस्य खुश विक्रमसैन, पूर्व पार्षद राजिंदर चौहान समेत प्रभावित परिवार मौके पर मौजूद रहे। एनएचएआई के टनल एक्सपर्ट किन्नर कपूर ने बैठक में बताया कि फिलहाल कार्य रोक दिया है। आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम मामले का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा संबंधी पहलुओं का आकलन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्र सरकार के सामने उठाएंगे मामला : कश्यप
शिमला। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि यदि परियोजना के प्रारंभिक सर्वे या एलाइनमेंट में बदलाव किया है, तो इसके कारण लोगों के सामने रखे जाने चाहिए। सांसद ने अधिकारियों से पूछा, पुराना सर्वे बदला तो क्यों। उन्होंने कहा कि संजौली में किसी प्रकार की त्रासदी की स्थिति पैदा न हो, यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि वह मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की जान और जिंदगी है। कश्यप ने कहा कि वह प्रभावित परिवारों के पाई-पाई के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करवाने का प्रयास करेंगे। कश्यप ने कहा कि वे इस मामले को केंद्रीय मंत्री और एनएचएआई के उच्च अधिकारियों के सामने उठाएंगे।
डीसी से किया था संपर्क, नहीं हो पाया
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अभी उस महिला को भी मुआवजा नहीं मिला है, जिसका भट्ठाकुफर में मकान गिर गया था। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीसी शिमला से भी बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आज भी डीसी शिमला से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। डीसी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शायद व्यस्त थे।
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टनल के सर्वे और एलाइनमेंट पर उठाए गंभीर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के संजौली के शांति विहार और भट्ठाकुफर वार्ड में निर्माणाधीन फोरलेन टनल से प्रभावित लोगों से शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने वीरवार को मुलाकात की।
स्थानीय लोगों ने परियोजना के सर्वे, टनल एलाइनमेंट, भवनों में आई दरारों, सुरक्षा और मुआवजे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और निर्माण कंपनी पर टनल का काम शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप लगाया। नगर निगम के शांति विहार वार्ड के सामुदायिक भवन में इस मामले पर बैठक की गई। सांसद सुरेश कश्यप दो बजे बैठक में पहुंचे। बैठक में सबसे पहले स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा ने पूरे मामले से सांसद को अवगत करवाया। इसके बाद पार्षद नरेंद्र ठाकुर और स्थानीय निवासी गोविंद चतरांटा ने अपनी बात रखी। इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों ने सांसद के सामने अपना पक्ष रखा। अधिकारी जैसे ही बोलने लगे प्रभावित लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
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लोगों ने आरोप लगाया कि परियोजना का कार्य पूर्व में किए सर्वे के अनुरूप नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि पहले सर्वे कुछ और था तथा बाद में इसमें बदलाव किया गया। लोगों ने मांग की कि पुराने सर्वे, वर्तमान एलाइनमेंट और निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जानी चाहिए। लोगों ने बताया कि परियोजना शुरू करने से पहले उनसे कोई बातचीत नहीं की गई और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि टनल और आवासीय भवनों के बीच कुछ स्थानों पर दूरी कम है। इस मौके जिला परिषद सदस्य खुश विक्रमसैन, पूर्व पार्षद राजिंदर चौहान समेत प्रभावित परिवार मौके पर मौजूद रहे। एनएचएआई के टनल एक्सपर्ट किन्नर कपूर ने बैठक में बताया कि फिलहाल कार्य रोक दिया है। आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम मामले का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा संबंधी पहलुओं का आकलन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्र सरकार के सामने उठाएंगे मामला : कश्यप
शिमला। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि यदि परियोजना के प्रारंभिक सर्वे या एलाइनमेंट में बदलाव किया है, तो इसके कारण लोगों के सामने रखे जाने चाहिए। सांसद ने अधिकारियों से पूछा, पुराना सर्वे बदला तो क्यों। उन्होंने कहा कि संजौली में किसी प्रकार की त्रासदी की स्थिति पैदा न हो, यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि वह मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की जान और जिंदगी है। कश्यप ने कहा कि वह प्रभावित परिवारों के पाई-पाई के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करवाने का प्रयास करेंगे। कश्यप ने कहा कि वे इस मामले को केंद्रीय मंत्री और एनएचएआई के उच्च अधिकारियों के सामने उठाएंगे।
डीसी से किया था संपर्क, नहीं हो पाया
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अभी उस महिला को भी मुआवजा नहीं मिला है, जिसका भट्ठाकुफर में मकान गिर गया था। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में डीसी शिमला से भी बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आज भी डीसी शिमला से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। डीसी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शायद व्यस्त थे।