15 लाख स्कूली छात्रों को अभी नहीं मिलेगी मुफ्त वर्दी
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हिमाचल में पहली से दसवीं तक के 15 लाख छात्र-छात्राओं को मिलने वाली मुफ्त वर्दी का टेंडर फिर रद्द हो गया है। यह दूसरा मौका है जब मुफ्त वर्दी का टेंडर रद्द हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) पीसी धीमान की अध्यक्षता में वीरवार को हुए बैठक में नए सिरे से टेंडर करने का फैसला लिया गया।
बताया जा रहा है कि टेंडर में पांच कंपनियों ने भाग लिया था, तीन कंपनियों ने खाद्य आपूर्ति निगम में वर्दी के सैंपल जमा नहीं कराए, इसके चलते यह तीनों कंपनियां बाहर हो गई, जिन दो कंपनियों ने खाद्य आपूर्ति निगम में वर्दी के सैंपल जमा कराए थे। वह कंपनियां पिता और पुत्र की थी।
टेक्निकल बीड खोलने से पहले खाद्य आपूर्ति निगम ने यह मामला प्रदेश सरकार को भेजा, मामला को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने वीरवार को बैठक बुलाई। कंपनियों के दस्तावेज खंगालने के बाद तकनीकी कारणों से टेंडर ही रद्द कर दिया।
चार महीने से नहीं मिली वर्दी
प्रदेश सरकार ने अब नए सिरे से टेंडर करने का फैसला लिया है। खाद्य आपूर्ति निगम को री-टेंडर के लिए कहा गया है। खाद्य आपूर्ति निगम से मिली जानकारी के मुताबिक दो-तीन दिन के भीतर टेंडर के लिए तिथि निर्धारित की जाएगी।
प्रदेश के 15 लाख स्कूली छात्रों को बीते चार महीने से वर्दी नहीं मिल रही है। अप्रैल - मई महीने में छात्रों को मुफ्त वर्दी मिलनी शुरू हो जाती थी लेकिन टेंडर न होने से मामला लटकता जा रहा है।
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आरके प्रुथी का कहना है कि टेक्निकल कारणों से छात्रों को मिलने वाली मुफ्त स्कूल वर्दी के टेंडर रद्द किए गए हैं। अब नए सिरे से वर्दी के टेंडर होंगे।