{"_id":"68482efbb30c3f640707f8ae","slug":"tehbazaaris-will-be-re-registered-in-the-capital-shimla-news-c-19-sml1001-549306-2025-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: राजधानी में तहबाजारियों का दोबारा होगा पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: राजधानी में तहबाजारियों का दोबारा होगा पंजीकरण
विज्ञापन
पुराने कार्ड होंगे रद्द, नए सिरे से वीडियोग्राफी कर होगा पंजीकरण, नए-पुराने सभी तहबाजारियों के बनेंगे पहचान पत्र
लोअर बाजार से हटेंगे सभी तहबाजारी
कारोबार के लिए दी जाएगी नई जगह
शहर में एक हजार से ज्यादा हैं तहबाजारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बाजारों में सामान बेचने वाले सैकड़ों तहबाजारियों का अब दोबारा पंजीकरण किया जाएगा। नगर निगम ने इनके पुराने पहचान पत्र रद्द कर नए सिरे से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इसी माह से यह प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
नगर निगम प्रशासन ने संपदा शाखा को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि इस बार होने वाले पंजीकरण में नए और पुराने सभी तरह के तहबाजारी शामिल किए जाएंगे। इन्हें निगम की ओर से पहचान पत्र जारी होंगे। किस बाजार में कौन सी जगह इन्हें सामान बेचने के लिए आवंटित हुई है, इसका पूरा ब्योरा पहचान पत्र पर दर्ज रहेगा। अभी तक निगम सिर्फ पहचान पत्र पर बाजार का नाम ही दर्ज करता था। इससे कई तहबाजारी बाजार में अपनी पसंद की जगह पर बैठकर सामान बेच रहे थे।
लक्कड़ बाजार में दर्जनों तहबाजारियों के कार्ड में यह गड़बड़ी मिली है। यहां निगम ने सभी के कार्ड पर लक्कड़ बाजार दर्ज किया था। लेकिन बाजार में यह कहां बैठेंगे, यह तय नहीं किया था। इसके चलते तहबाजारियों ने रीगल से लेकर रिज तक की सड़क कब्जा ली है। इसलिए निगम ने अब नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण करने और पहचान पत्र जारी करने का फैसला लिया है। शहर में एक हजार से ज्यादा तहबाजारी हैं। इसमें जो तहबाजारी बाजार में खड़े होकर ही सामान बेचते हैं, उनका भी पंजीकरण होगा।
विज्ञापन
लोअर बाजार, मालरोड पर नहीं सजेगी तहबाजारी
शहर के मालरोड, लोअर बाजार और लक्कड़ बाजार के रीगल क्षेत्र नगर निगम ने नो वेडिंग जोन घोषित किया है। ऐसे में इन बाजारों में अभी सामान बेच रहे तहबाजारी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। सबसे पहले लोअर और संजौली बाजार से यह व्यवस्था लागू होगी। पुलों, रास्तों पर दुकान नहीं सजेंगी। यदि कोई तहबाजारी आवंटित जगह के अलावा दूसरी जगह सामान बेचता मिलता है तो उसका लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसमें एक हजार से लेकर पांच हजार तक जुर्माने का भी प्रावधान है। सबलेटिंग या अतिक्रमण पर भी सख्ती होगी।
पहली बार देना होगा शुल्क
नगर निगम शहर में अभी 168 तहबाजारियों से ही सालाना पंजीकरण शुल्क ले रहा है। यह वह तहबाजारी हैं जो दशकों से शहर में सामान बेच रहे हैं। अब पंजीकृत होने वाले सभी तहबाजारियों से 1200 रुपये मासिक तक सर्विस चार्ज (सेवा शुल्क) लिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि शहर में तहबाजारियों का पंजीकरण जल्द शुरू होगा।
सरकारी संपत्तियों के लिए रेंट पॉलिसी
सरकार के स्तर पर प्रदेश में शहरी निकायों समेत अन्य सरकारी संपत्तियों के लिए किराया नीति लाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। अभी नगर निगम शिमला समेत अन्य सरकारी विभागों की ओर से किराये पर दी गई संपत्तियों का किराया वर्तमान मार्केट रेट से बेहद कम है। इसे बढ़ाने पर निकायों को अच्छी आय हो सकती है। जल्द ही इस नीति पर फैसला होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
लोअर बाजार से हटेंगे सभी तहबाजारी
कारोबार के लिए दी जाएगी नई जगह
शहर में एक हजार से ज्यादा हैं तहबाजारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बाजारों में सामान बेचने वाले सैकड़ों तहबाजारियों का अब दोबारा पंजीकरण किया जाएगा। नगर निगम ने इनके पुराने पहचान पत्र रद्द कर नए सिरे से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इसी माह से यह प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
नगर निगम प्रशासन ने संपदा शाखा को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि इस बार होने वाले पंजीकरण में नए और पुराने सभी तरह के तहबाजारी शामिल किए जाएंगे। इन्हें निगम की ओर से पहचान पत्र जारी होंगे। किस बाजार में कौन सी जगह इन्हें सामान बेचने के लिए आवंटित हुई है, इसका पूरा ब्योरा पहचान पत्र पर दर्ज रहेगा। अभी तक निगम सिर्फ पहचान पत्र पर बाजार का नाम ही दर्ज करता था। इससे कई तहबाजारी बाजार में अपनी पसंद की जगह पर बैठकर सामान बेच रहे थे।
विज्ञापन
लक्कड़ बाजार में दर्जनों तहबाजारियों के कार्ड में यह गड़बड़ी मिली है। यहां निगम ने सभी के कार्ड पर लक्कड़ बाजार दर्ज किया था। लेकिन बाजार में यह कहां बैठेंगे, यह तय नहीं किया था। इसके चलते तहबाजारियों ने रीगल से लेकर रिज तक की सड़क कब्जा ली है। इसलिए निगम ने अब नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण करने और पहचान पत्र जारी करने का फैसला लिया है। शहर में एक हजार से ज्यादा तहबाजारी हैं। इसमें जो तहबाजारी बाजार में खड़े होकर ही सामान बेचते हैं, उनका भी पंजीकरण होगा।
विज्ञापन
लोअर बाजार, मालरोड पर नहीं सजेगी तहबाजारी
शहर के मालरोड, लोअर बाजार और लक्कड़ बाजार के रीगल क्षेत्र नगर निगम ने नो वेडिंग जोन घोषित किया है। ऐसे में इन बाजारों में अभी सामान बेच रहे तहबाजारी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। सबसे पहले लोअर और संजौली बाजार से यह व्यवस्था लागू होगी। पुलों, रास्तों पर दुकान नहीं सजेंगी। यदि कोई तहबाजारी आवंटित जगह के अलावा दूसरी जगह सामान बेचता मिलता है तो उसका लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसमें एक हजार से लेकर पांच हजार तक जुर्माने का भी प्रावधान है। सबलेटिंग या अतिक्रमण पर भी सख्ती होगी।
पहली बार देना होगा शुल्क
नगर निगम शहर में अभी 168 तहबाजारियों से ही सालाना पंजीकरण शुल्क ले रहा है। यह वह तहबाजारी हैं जो दशकों से शहर में सामान बेच रहे हैं। अब पंजीकृत होने वाले सभी तहबाजारियों से 1200 रुपये मासिक तक सर्विस चार्ज (सेवा शुल्क) लिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि शहर में तहबाजारियों का पंजीकरण जल्द शुरू होगा।
सरकारी संपत्तियों के लिए रेंट पॉलिसी
सरकार के स्तर पर प्रदेश में शहरी निकायों समेत अन्य सरकारी संपत्तियों के लिए किराया नीति लाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। अभी नगर निगम शिमला समेत अन्य सरकारी विभागों की ओर से किराये पर दी गई संपत्तियों का किराया वर्तमान मार्केट रेट से बेहद कम है। इसे बढ़ाने पर निकायों को अच्छी आय हो सकती है। जल्द ही इस नीति पर फैसला होने की उम्मीद है।