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टेक्नोमैक घोटाले में शामिल पूर्व आईएएस का बेटा गिरफ्तार

Wed, 21 Mar 2018 11:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Wed, 21 Mar 2018 11:49 AM IST
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Tecnhomac scam IAS officer son arrested

प्रदेश को 21 सौ करोड़ से ज्यादा के राजस्व का चूना लगाने वाली टेक्नोमैक कंपनी के घोटाले की जांच में सीआईडी को पहली सफलता हाथ लगी है। कंपनी के बोर्ड में शामिल रहे विनय शर्मा को सीआईडी ने मंगलवार को ऊना से गिरफ्तार कर लिया।

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बताया जाता है कि विनय के पिता पूर्व आईएएस हैं और मामला दर्ज होने के बाद से ही विनय फरार चल रहा था। डीजीपी सीताराम मरडी ने विनय की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। अब सीआईडी विनय की मदद से बाकी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है।
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अप्रैल 2016 में सीआईडी ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के एमडी राकेश शर्मा समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान ही सीआईडी को कंपनी द्वारा बैंक में फर्जी दस्तावेज लगाकर हजारों करोड़ का लोन लेने की बात पता चली थी। इसके बाद से ही सीआईडी लगातार सभी आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

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सीआईडी कर रही जांच, निगरानी एसपी सिरमौर को

Tecnhomac scam IAS officer son arrested

सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी कंपनी के एमडी राकेश शर्मा के विदेश भागने की चर्चाओं के बाद जांच अधिकारियों ने अन्य आरोपियों पर ध्यान केंद्रित कर दिया। लगातार दबिश के बाद सीआईडी को अब पहली सफलता हाथ लगी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो आरोपी विनय शर्मा कंपनी में नंबर दो की हैसियत में था।

मुख्य आरोपी राकेश ने विनय की ही मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और कई बैंकों में लोन लेने में भी विनय ने ही कंपनी को मदद पहुंचाई। अब गिरफ्तारी के बाद सीआईडी कोर्ट से विनय की रिमांड लेकर अन्य आरोपियों की जानकारी हासिल करेगी।

टेक्नोमैक कंपनी के घोटाले के मामले में हाल में आबकारी अधिकारियों ने सिरमौर में एक मामला दर्ज कराया था। इस मामले में भी वही आरोप थे, जिनकी जांच सीआईडी कर रही थी। चूंकि एक जैसे मामलों की जांच दो एजेंसियों के करने से गतिरोध हो सकता था, इसलिए पुलिस मुख्यालय ने तीसरे मामले की जांच सीआईडी को स्थानांतरित कर दी।

हालांकि पुलिस मुख्यालय ने जांच का पर्यवेक्षण एसपी सिरमौर को दे दिया है। डीजीपी सीताराम मरडी ने कहा कि चूंकि स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया था, इसलिए एसपी को सिर्फ प्रारंभिक निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है। मूल रूप से मामले की जांच सीआईडी ही करेगी।

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