छात्रों के साथ ऐसा हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेजों के ऐसे छात्र-छात्राएं मझधार में फंस गए हैं, जिन्हें पिछले साल सेकंड सेमेस्टर में एडमिशन के लिए विशेष छूट दी गई थी।
तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने ऐसे करीब 1400 छात्रों का रिजल्ट रोक दिया है। इन्हें कहा जा रहा है कि ये वापस फर्स्ट सेमेस्टर में जाएं, क्योंकि नियमों में इस तरह ढील नहीं दी जा सकती।
हिमाचल में इस समय कुल 26 बहुतकनीकी संस्थान हैं। इनमें करीब 23 प्राइवेट हैं। इनमें सालाना 9000 सीटें हैं। अधिकांश सीटें कड़े नियमों की वजह से खाली रहती हैं।
एक शर्त ये भी है कि छात्र को दूसरे सेमेस्टर में तभी एडमिशन मिलेगी, यदि उसने कम से कम 50 फीसदी विषय पास कर लिए हैं। पिछले साल ये शर्त पूरी न करने वाले छात्रों ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उसके बाद सरकार से अपील की।
एक साल होगा बर्बाद
तब इन्हें एडमिशन तो मिल गई, लेकिन अब बोर्ड के रुख से इनका एक साल बर्बाद हो सकता है। बोर्ड ने पॉलिटेक्निक का रिजल्ट 5 सितंबर को घोषित कर दिया है, लेकिन अब तक छूट पाने वाले छात्रों का रिजल्ट नहीं बताया गया है।
ये छात्र अब बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं। यहां इनको कहा जा रहा है कि पहले फर्स्ट सेमेस्टर में एडमिशन लो।
मुख्यमंत्री ने दी थी मंजूरी: बंसल
प्राइवेट तकनीकी संस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश बंसल कहते हैं कि हाईकोर्ट से क्लीयरेंस मिलने के बाद प्राइवेट पॉलिटेक्निक के प्रबंधक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिले थे।
मुख्यमंत्री ने इस शर्त में विशेष छूट देते हुए अगले सेमेस्टर में एडमिशन लेने की मंजूरी दी थी। अब बोर्ड बेवजह अड़ंगा लगा रहा है। इसे प्रतिष्ठा का प्रशभन बनाया जा रहा है। इससे प्रदेश और यहां के बच्चों को ही नुकसान हो रहा है।a
गुणवत्ता गिरेगी छूट से : जीएस बाली
तकनीकी शिक्षा बोर्ड के अफसर अधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। सूत्र कहते हैं कि तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली के निर्देशानुसार रिजल्ट रोका गया है।
जब जीएस बाली से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी जुटाएंगे, लेकिन शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हम इस तरह की कोई छूट नहीं देंगे। ये प्रदेश हित में नहीं है।