हिमाचल में शिक्षकों के आगे झुका विभाग, एक बार ही लगाएंगे हाजिरी
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शिक्षक संघों के दबाव के आगे झुकते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने सुबह- शाम दो टाइम रजिस्टर पर हाजिरी लगाने का आदेश वापस ले लिया है। एजूकेशन कोड को नकारते हुए निदेशालय के अधिकारियों ने पुराना आदेश पलट दिया है।
अब शिक्षकों को पहले की ही तरह सिर्फ एक टाइम रजिस्टर पर हाजिरी लगानी होगी। इसके अलावा टीचर डायरी भरने से भी शिक्षकों को छूट दे दी गई है। हालांकि, इसकी जगह सिलेबस रिव्यू की व्यवस्था की है, जिसे महीने में एक बार स्कूल प्रभारी जांचेगा।
इसमें शिक्षक सिलेबस को प्रतिमाह के हिसाब से बांटेंगे। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निदेशालय ने मार्च माह में रजिस्टर पर दो टाइम हाजिरी लगाने के शिक्षकों को आदेश दिए थे। इसके लिए प्रिंसिपलों एवं हेडमास्टरों को हाजिरी रजिस्टर सुबह-शाम चेक करने को कहा था।
स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान इन रजिस्टरों को जिला उपनिदेशकों को अनिवार्य तौर पर जांचने के लिए कहा था। बीते दिनों प्रिंसिपलों व हेडमास्टरों को भी दो टाइम हाजिरी लगाने के आदेश दिए थे।
अफसरशाही ने यह दिया तर्क
निदेशालय की यह व्यवस्था शिक्षक संघों को रास नहीं आई। प्रदेश भर में इन आदेशों का विरोध हुआ। मुख्यमंत्री से भी मामले की शिकायत हुई। कुछ दिन पहले शिक्षा निदेशक के साथ स्कूल प्रवक्ता संघ ने इस मामले पर बैठक की थी। इस बैठक के बाद निदेशालय ने अपने पुराने फैसले वापस ले लिया।
शिक्षक संघों के दबाव में झुकी अफसरशाही ने तर्क दिया कि जब बायोमीट्रिक हाजिरी लग रही है तो दो टाइम रजिस्टर पर हाजिरी की जरूरत नहीं है। ऐसे में अब एक टाइम ही रजिस्टर पर हाजिरी लगानी होगी।