शिक्षकों की तबादला नीति के लिए सचिवालय में फिर खुली फाइल
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सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के तबादले किस तर्ज पर किए जाएंगे? इस मामले की फाइल सचिवालय में दोबारा खुल गई है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने तबादलों की प्रक्रिया तय करने के लिए अफसरों को मामला डिस्कस करने को कहा है।
ऐसे में संभावित है कि आने वाले दिनों में शिक्षकों के तबादले करने के लिए सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है। शिक्षकों के लिए बनाए गए ट्रांसफर एक्ट के सिरे नहीं चढ़ने पर शिक्षा विभाग के अफसरों ने तबादला नीति बनाने या कार्यालय आदेश जारी करने को लेकर बीते दिनों शिक्षा मंत्री को फाइल भेजी।
फाइल में शिक्षा मंत्री से पूछा गया कि शिक्षकों के तबादले करने के लिए कौन सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। विभागीय अधिकारियों ने तबादला नीति और कार्यालय आदेश के दो विकल्प भी फाइल में लिखे थे।
अगले सप्ताह मामले पर शिक्षा मंत्री के साथ अफसरों की बैठक
शिक्षा मंत्री ने फाइल पर डिस्कस लिखकर लौटा दिया है। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा करने के लिए तबादलों की प्रक्रिया को लेकर प्रस्ताव बनाने में जुट गए हैं। संभावित है कि अगले सप्ताह इस मामले पर शिक्षा मंत्री के साथ अफसरों की बैठक होगी।
बता दें कि विधानसभा में पेश करने के लिए शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर एक्ट तैयार किया था। इसके तहत शिक्षकों को जनजातीय, दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं देना अनिवार्य किया गया था। तीन से पांच साल के बाद हर शिक्षक के तबादलों की बात भी कही गई।
ऑनलाइन साफ्टवेयर के माध्यम से यह तबादले किए जाने थे लेकिन विधानसभा में यह एक्ट पेश नहीं हो सका। अब दोबारा से इस मामले को लेकर शुरू हुई कवायद के तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों के एक्ट की जगह तबादला नीति पर मंथन करना शुरू कर दिया है। उधर, शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को तबादलों की एक-एक फाइल भेजने की जगह लिस्ट बनाकर भेजने को कहा है।