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शिक्षक संघ का सरकार पर हमला, 'BPL और भूमिहीन नहीं हैं MLA'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 21 Sep 2017 06:05 PM IST
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राजकीय अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार पर विधायकों को अनुचित लाभ देने का आरोप लगाया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने विधायकों को भूमि लीज पर देने के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पहले से ही समृद्ध विधायकों को सरकार 50 लाख तक का लोन केवल 4 फीसदी की दर पर दे रही है।
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अब घर बनाने के लिए पट्टे पर कम कीमतों पर भूमि उपलब्ध करवाने का फैसला लेकर प्रदेश की जनता को धोखा दिया है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि ऐसा कौन सा विधायक है, जो बीपीएल श्रेणी में आता है और भूमिहीन है। जिसे लोन और मकान बनाने के लिए पट्टे पर भूमि लेने की जरूरत है।
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वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार केवल अपने स्वहित साधने में मशगूल है। जनता और कर्मचारियों की सरकार को कोई चिंता नहीं है। संघ के महासचिव नरेश महाजन, वित्त सचिव मुकेश शर्मा, प्रेस सचिव कैलाश ठाकुर ने सरकार पर बीते पांच साल के दौरान शिक्षकों की मांगों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।
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कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग को संभाल रहे हैं और शिक्षकों के मुद्दों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दो माह पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा के साथ संघ को बैठक के लिए बुलाया गया था। बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन आज तक कोई भी मांग पूरी नहीं हुई है। यह सरकार की शिक्षकों के प्रति उदासीनता का प्रमाण है।
चौहान ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो संघ विधानसभा चुनाव में उसी दल का समर्थन करेगा, जो उनकी मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा। सरकार के उदासीन रुख पर विधानसभा चुनाव प्रक्रिया में अध्यापकों के ड्यूटी पर न जाने का आह्वान करने पर भी विचार किया जाएगा। यदि ऐसा होता है तो सरकार को शिक्षकों के बगैर चुनाव करवाना संभव नहीं होगा।
अनुबंध कर्मियों को वरिष्ठता लाभ देने में देरी न करे सरकार
हिमाचल प्रदेश अनुबंध नियमित अध्यापक मोर्चा ने सरकार से अनुबंध कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता लाभ देने में देरी नहीं करने की मांग की है।
मोर्चा के राज्य अध्यक्ष चंद्रकांत ठाकुर, महासचिव नरेश पटियाल, संयोजक कैलाश नाथ शर्मा, उपाध्यक्ष मीनाक्षी हांडा, मीडिया प्रभारी चरणजीत सिंह और प्रेस सचिव सुरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता लाभ संबंधी आदेश पारित किए हैं।
ऐसे में सरकार को इस हफ्ते प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में वरिष्ठता लाभ देने के प्रस्ताव पर मुहर लगानी चाहिए। उधर, हिमाचल प्रदेश अनुबंध कर्मचारी महासंघ नेे भी सरकार से नियुक्ति की तारीख से वरिष्ठता लाभ देने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौहान ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में अनुबंध पर लगभग 45 हजार के लगभग कर्मचारी काम कर रहे हैं।
सरकार को चाहिए कि चुनाव से पहले इस वर्ग को भी राहत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि अनुबंध कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु पर परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया जाना चाहिए।
महासंघ के पदाधिकारी सुशील चंदेल, शैलेंद्र चौहान, भूपेंद्र ठाकुर, कुशाल ठाकुर, पवन कुमार, अवनीत सरकैक ने उम्मीद जताई है कि कैबिनेट बैठक में इस बाबत सरकार फैसला लेगी।