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क्या दलित बच्चों को हक दिला पाएगी ये पहल?

Sat, 20 Sep 2014 08:58 AM IST
Updated Sat, 20 Sep 2014 08:58 AM IST
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teacher starts lunch with sc students.

आखिर इन मासूम बच्चों के दिलों में जातिवाद का इतना जहर किसने घोल दिया? प्रार्थना सभा से लेकर कक्षाओं में बच्चों को समझाया गया पर ये नहीं समझे। मामला सूर्खियों में आया तो जांच टीम ने समझाया पर बात नहीं बनी।

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थक हारकर शुक्रवार को शिक्षकों ने दलित वर्ग के बच्चों के साथ बैठकर खाना भी खाया पर जातिवाद की बर्फ जरा भी नहीं पिघली। सामान्य वर्ग के नौ बच्चों ने शुक्रवार को भी स्कूल में खाना नहीं खाया।
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हिमाचल के मंडी के कटोला स्कूल में जारी जातिवाद का मामला अभी भी नहीं सुलझा है। इलाके के लोग अभी भी दलित वर्ग के लोगों को अपना समझने से गुरेज कर रहे हैं। इनके बच्चे शिक्षकों के कहने पर भी दलित बच्चों के साथ खाना खाने को तैयार नहीं है।

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मौके पर पहुंचे अधिकारी

teacher starts lunch with sc students.

ये मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को एडीएम पंकज राय, एलीमेंटरी शिक्षा उप निदेशक आरके विद्यार्थी, जिला कल्याण अधिकारी आरसी बंसल जांच के लिए स्कूल पहुंचे।

प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने तो एक साथ बैठकर खाना खाया पर मिडिल स्कूल के नौ सामान्य वर्ग के छात्र इस बात पर अड़ गए कि वे दलित वर्ग के बच्चों के साथ खाना नहीं खाएंगे।

एडीएम पंकज राय ने बताया कि पूछताछ के बाद मामले की जांच की गई है जिसकी रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपी जाएगी। वहीं, मुख्य सचिव पी मित्रा का कहना है कि कटौला इलाके के स्कूल में दलित वर्ग के बच्चों से भेदभाव का मामला बेहद गंभीर है। उपायुक्त को इसकी जांच सौंपी गई है। हफ्ते भर के भीतर उपायुक्त से रिपोर्ट तलब की गई है।

अब रोल नंबर के हिसाब से बैठेंगे बच्चे

teacher starts lunch with sc students.

स्कूलों में मिड डे मील का खाना खिलाने के दौरान दलित वर्ग के बच्चों से हो रहे भेदभाव के खिलाफ आखिरकार ‘अमर उजाला’ का अभियान रंग लाया है। खाने पर सामान्य और दलित वर्ग के बच्चे अब अलग-अलग नहीं बैठेंगे। इन्हें रोलनंबर के हिसाब से बैठाया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखियाओं की होगी।

प्रारंभिक शिक्षा विभाग मंडी के उप निदेशक आरके विद्यार्थी ने जिले के करीब ढाई हजार स्कूलों को सर्कुलर जारी करने की पुष्टि की है। सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि यदि स्कूल प्रबंधन मिड डे मील के दौरान छात्रों को रोल नंबर के हिसाब से नहीं बैठाता है तो मुखियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के कदम से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।

गौरतलब है कि मंडी के एक सरकारी स्कूल में दलित वर्ग के बच्चों को अन्य बच्चों से अलग बैठाकर मिड डे मील खिलाया जाता था। ऐसी शिकायतें हिमाचल के कई सरकारी स्कूल से आ रही हैं। स्कूलों में घोले जा रहे जातिवाद का जहर के खिलाफ उजाला ने अभियान छेड़ा है। मिड डे मील में बच्चों को रोल नम्बर वाइस बैठाने की व्यवस्था राज्य सरकार को पूरे प्रदेश में करनी चाहिए।

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