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अध्यापक पात्रता परीक्षा: कृपांक लेकर भी फेल हो गए भावी शिक्षक
Fri, 07 Jan 2022 11:29 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 07 Jan 2022 11:29 AM IST
सार
स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अभ्यर्थी अध्यापक पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बोर्ड ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया है।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से तीन विषयों में कृपांक देने के बाद भी भावी अध्यापक टेट को पास नहीं कर पाए हैं। बोर्ड ने उर्दु, पंजाबी और टीजीटी मेडिकल विषय में एक-एक कृपांक दिए थे। बावजूद इसके भावी अध्यापकों का अध्यापक पात्रता परीक्षा को पास करने का आंकड़ा बहुत कम है। परीक्षा के बाद बोर्ड ने अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं।
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उर्दू, पंजाबी और टीजीटी मेडिकल विषय के प्रश्न में विषय विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद एक-एक कृपांक अभ्यर्थियों को बोर्ड की ओर से दिया गया, लेकिन बोर्ड की ओर से दिए गए इस एक-एक अंक के बावजूद अधिकतर अभ्यर्थी उत्तीर्ण नहीं हुए हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अभ्यर्थी अध्यापक पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बोर्ड ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया है। बावजूद अधिकतर अभ्यर्थी फेल हो रहे हैं। पेपर में प्रश्नों को स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को देख कर ही डाला जाता है।
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