शिमला: तकलुंग चेतुल रिंपोछे के चौथे पुनरावतार नवांग माल रोड पर घूमे, खरीदी दूरबीन
नवांग ताशी राप्टेन के माल रोड़ पर आने के बाद अन्य बौद्ध अनुयायी भी उन्हें देखने के लिए यहां पहुंच गए। एक दुकान पर उन्होंने दूरबीन देखी और साथ आए लामा ने उसे खरीदा। इस दौरान भूटान से आए गुरु, पिता और अन्य रिश्तेदार भी मौजूद रहे।
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तिब्बती बौद्ध धर्म के निंगमा स्कूल के प्रमुख तकलुंग चेतुल रिंपोछे के चौथे पुनरावतार नवांग ताशी राप्टेन ने मंगलवार को माल रोड और रिज मैदान की सैर की। नवांग ताशी राप्टेन के माल रोड़ पर आने के बाद अन्य बौद्ध अनुयायी भी उन्हें देखने के लिए यहां पहुंच गए। एक दुकान पर उन्होंने दूरबीन देखी और साथ आए लामा ने उसे खरीदा। इस दौरान भूटान से आए गुरु, पिता और अन्य रिश्तेदार भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिमला के पंथाघाटी में दोरजीडक मठ में तिब्बती बौद्ध धर्म की रुटीन बताई जाएंगी। मूलभूत धार्मिक पढ़ाई को लेकर ज्ञान दिया जाएगा। उन्हें मुख्य छात्रों की ओर से प्रार्थना करना सिखाया जाएगा।
पिता बोले- बेटा गुरु बना, सौभाग्यशाली हूं
इधर, नवांग ताशी राप्टेन की माता और पिता अपने बेटे के गुरु बनने पर बहुत खुश हैं। मीडिया से बात करते हुए नवांग ताशी राप्टेन के पिता सोनम छोपेल ने कहा कि वह खुश हैं और अपने आप को भाग्यशाली समझते हैं कि बेटा गुरु बना है। दूसरी ओर माता केसंग डोलमा ने कहा कि बच्चे सबको प्यारे होते हैं, लेकिन एक मां के रूप में अपने बेटे से दूर रहने का सोचना भी दर्द भरा था। लेकिन यह मेरे लिए एक खुशी की बात है कि हमारे घर में एक उच्च बौद्ध भिक्षु ने जन्म लिया। मेरी एक बच्ची भी है और नवांग छोटा है। बताया कि खुशी है कि वह लोगों को पढ़ाएंगे और सभी के कल्याण के लिए काम करेंगे।