राहत की खबर, विदेश में शिमला लौटे 107 लोगों में नहीं मिले कोरोना के लक्षण
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बाहरी देशों में घूमकर जिला शिमला आए 107 लोगों का कोरोन टाइम (सेल्फ आइसोलेशन) पूरा हो गया है। इनमें 61 भारतीय और 46 विदेशी शामिल हैं। ये सभी लोग बाहरी देशों से लौटे हैं। कुछ यहां घूमने आए थे। लिहाजा, सूचना मिलने के बाद विभाग 24 घंटे इन पर निगरानी रख रहा था। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी का 28 दिन का समय पूरा हो गया है। इनमें कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी तरह के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. जितेंद्र चौहान ने इसकी पुष्टि की है। कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद लोगों में भय का माहौल था। इनमें जिले के मशोबरा ब्लॉक, चिड़गांव और कोटखाई से संबंध रखने वाले लोग भी शामिल थे। इसके अलावा कुछ समय बाद स्वास्थ्य विभाग के पास अन्य लोगों की जानकारी आने के बाद इन्हें निगरानी में रखा गया था। इनमें कुछ जनवरी और कुछ फरवरी के बीच लौटे थे। इनके स्वास्थ्य में किसी भी तरह के लक्षण नहीं हैं। चिकित्सकों का कहना है कि लोग एहतियात के तौर पर हाथों को साबुन से धोते रहें।
जवाली में आईसोलेशन वार्ड में रखे हैं विदेश से आए लोग
कोरोना वायरस को लेकर सरकार की एडवाइजरी के अनुसार बाहरी देशों से आ रहे लोगों को चिह्नित कर सिविल अस्पताल जवाली के आईसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है। एसडीएम सलीम आजम ने कहा कि उपमंडल में अभी तक बाहरी देशों से आने वाले 9 लोगों को ट्रेस किया गया है। कहा कि इन्हें 1, 2, 3 कैटेगिरी में बांटा गया है।
पहली कैटेगिरी में 60 वर्ष तक के लोग हैं। 60 वर्ष से ऊपर के लोग दूसरी और कोरोना वायरस के लक्षणों वाले लोग तीसरी कैटेगिरी में आते हैं। दूसरी कैटेगिरी में नेपाल से आई 65 वर्षीय महिला उत्तमी देवी को ट्रेस किया गया है। इसे एंबुलेंस से कांगड़ा में आईसोलेशन वार्ड में भेजा है। अभी जवाली में कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया है।