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Shimla News: स्टार्ट नहीं हो रही ढाई करोड़ की स्वीपिंग मशीन, झाड़ू से करनी पड़ रही सफाई
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खास खबर...
रिज पर सात महीने से मशीन खराब, कंपनी मरम्मत के लिए मांग रही एडवांस
नगर निगम को तैनात करने पड़े कर्मचारी, अब झाड़ू से हो रही कोर एरिया की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान, मालरोड समेत राजधानी के कोर एरिया की स्मार्ट सफाई व्यवस्था व्यवस्था ठप हो गई है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इटली से खरीदी ढाई करोड़ रुपये की स्मार्ट स्वीपिंग मशीन स्टार्ट ही नहीं हो रही है। सात महीने से मशीन रिज पर खड़ी है।
कई बार इसे स्टार्ट करने की कोशिश हो चुकी है। अब मजबूरन इसे ठीक करवाने के लिए संबंधित कंपनी से इंजीनियर बुलाने पड़े हैं। कंपनी ने भी शिमला आने से पहले नगर निगम से आने-जाने के खर्च समेत एडवांस पैसा जमा करने को कहा है। चार महीनों से इसकी प्रक्रिया भी चल रही है। निगम का दावा है कि अब यह पैसा जमा कर दिया है। हालांकि इंजीनियर अभी तक नहीं पहुंचे हैं।
मशीनों से सफाई बंद होने के बाद शहर के कोर एरिया में नगर निगम को अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने पड़े हैं। अब झाड़ू से रिज और मालरोड समेत कोर एरिया के बाजारों की सफाई करनी पड़ रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत साल 2020 में करीब पांच करोड़ से शिमला शहर के लिए दो स्वीपिंग मशीनें खरीदी गई थी। दिसंबर 2020 में इनसे शहर में सफाई का काम शुरू किया गया। शहर के कोर एरिया में इनसे सफाई करवाई जा रही थी। यह मशीनें पूरी तरह से सपाट सड़क पर कचरा उठाने में कारगर हैं। इनसे चंद मिनट में ही रिज मैदान, मालरोड और बाजारों की सड़कों से कचरा साफ हो जाता है। करोड़ों रुपये से की इन मशीनों की खरीद पहले भी सवालों के घेरे में रह चुकी है।
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सोलन के लिए भेजी दूसरी मशीन
शहर के लिए खरीदी दूसरी स्वीपिंग मशीन पिछले साल नगर निगम ने सोलन भेज दी थी। निगम प्रशासन के अनुसार सरकार के निर्देश के बाद इस मशीन को सोलन नगर निगम को दिया है। इस पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शिमला शहर में किए जाने वाले कामों के लिए बजट दिया गया था। इके तहत यह मशीनें भी खरीदी थी। लेकिन सदन की मंजूरी लिए बिना ही इस मशीन को सोलन नगर निगम को भेज दिया गया।
इंजीनियर बुलाए : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि खराब स्वीपिंग मशीन को ठीक करने के लिए कंपनी के इंजीनियर बुलाए गए हैं। जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा।
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रिज पर सात महीने से मशीन खराब, कंपनी मरम्मत के लिए मांग रही एडवांस
नगर निगम को तैनात करने पड़े कर्मचारी, अब झाड़ू से हो रही कोर एरिया की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान, मालरोड समेत राजधानी के कोर एरिया की स्मार्ट सफाई व्यवस्था व्यवस्था ठप हो गई है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इटली से खरीदी ढाई करोड़ रुपये की स्मार्ट स्वीपिंग मशीन स्टार्ट ही नहीं हो रही है। सात महीने से मशीन रिज पर खड़ी है।
कई बार इसे स्टार्ट करने की कोशिश हो चुकी है। अब मजबूरन इसे ठीक करवाने के लिए संबंधित कंपनी से इंजीनियर बुलाने पड़े हैं। कंपनी ने भी शिमला आने से पहले नगर निगम से आने-जाने के खर्च समेत एडवांस पैसा जमा करने को कहा है। चार महीनों से इसकी प्रक्रिया भी चल रही है। निगम का दावा है कि अब यह पैसा जमा कर दिया है। हालांकि इंजीनियर अभी तक नहीं पहुंचे हैं।
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मशीनों से सफाई बंद होने के बाद शहर के कोर एरिया में नगर निगम को अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने पड़े हैं। अब झाड़ू से रिज और मालरोड समेत कोर एरिया के बाजारों की सफाई करनी पड़ रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत साल 2020 में करीब पांच करोड़ से शिमला शहर के लिए दो स्वीपिंग मशीनें खरीदी गई थी। दिसंबर 2020 में इनसे शहर में सफाई का काम शुरू किया गया। शहर के कोर एरिया में इनसे सफाई करवाई जा रही थी। यह मशीनें पूरी तरह से सपाट सड़क पर कचरा उठाने में कारगर हैं। इनसे चंद मिनट में ही रिज मैदान, मालरोड और बाजारों की सड़कों से कचरा साफ हो जाता है। करोड़ों रुपये से की इन मशीनों की खरीद पहले भी सवालों के घेरे में रह चुकी है।
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सोलन के लिए भेजी दूसरी मशीन
शहर के लिए खरीदी दूसरी स्वीपिंग मशीन पिछले साल नगर निगम ने सोलन भेज दी थी। निगम प्रशासन के अनुसार सरकार के निर्देश के बाद इस मशीन को सोलन नगर निगम को दिया है। इस पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शिमला शहर में किए जाने वाले कामों के लिए बजट दिया गया था। इके तहत यह मशीनें भी खरीदी थी। लेकिन सदन की मंजूरी लिए बिना ही इस मशीन को सोलन नगर निगम को भेज दिया गया।
इंजीनियर बुलाए : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि खराब स्वीपिंग मशीन को ठीक करने के लिए कंपनी के इंजीनियर बुलाए गए हैं। जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा।