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हिमाचल के शहर स्वच्छता में गांवों से फिसड्डी, सर्वेक्षण में खुली पोल

Mon, 08 May 2017 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 08 May 2017 11:29 AM IST
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swacch sarvekshan 2017, himachal lacks sanitation facilities

हिमाचल सरकार ने भले ही सूबे ग्रामीण क्षेत्रों को खुला शौच मुक्त कर दिया हो, लेकिन हिमाचल के शहर स्वच्छता के मामले में अभी भी गांवों से फिसड्डी हैं। स्वच्छता को लेकर शिमला का साल भर में 20 अंक लुढ़ककर 47वें और कुल्लू का 259वें नंबर पर रहना इस बात का संकेत देता है कि हिमाचल के शहर स्वच्छ नहीं हैं। रैंकिंग के लिए 52 शहरों में से सिर्फ दो ही शहरों शिमला और कुल्लू का नाम भेजा गया। इन दोनों निकायों ने अपने शहरों को स्वच्छ होने का दावा किया था। 

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शहरी विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक स्वच्छता को लेकर हर साल शहरी निकायों से आवेदन मांगे जाते हैं। प्रदेश सरकार को सिर्फ दो शहरों के ही आवेदन मिले हैं। अन्य शहरों से इसके लिए आवेदन ही नहीं किया है। दूसरे, केंद्र को भी उन्हीं शहरों का प्रस्ताव भेजा जाता है, जो साफ  सुधरे हों। शहरी विकास विभाग के निरीक्षण के बाद चूंकि केंद्रीय शहरी विभाग के अफसर शहरों का औचक निरीक्षण करते हैं। 

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ये रहती हैं शर्तें

swacch sarvekshan 2017, himachal lacks sanitation facilities

- हर घर का सीवरेज सुविधा से जुड़ा होना चाहिए
- शहरों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण 
- घरों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी का न होना 
- शहर में डोर टू डोर गारवेज व्यवस्था लागू 

विभाग को सिर्फ दो शहरों के नाम मिले हैं। ये नाम केंद्र सरकार को भेजे गए थे। इसके आधार पर ही हिमाचल स्वच्छता की रैंकिंग हुई है। कई भी निकाय स्वच्छ होना का दावा कर सकता है। -बीएस ठाकुर, प्रोजेक्ट ऑफिसर, यूडी

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