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Shimla News: सतलुज का पानी कल पहुंचेगा शिमला, खत्म होगी राशनिंग
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सुबह 11 बजे संजौली टैंक में डाला जाएगा पानी
करीब 10 एमएलडी पानी की सप्लाई का दावा
गिरि और गुम्मा परियोजनाओं से भी जारी रहेगी आपूर्ति
कच्चीघाटी, खलीनी, न्यू शिमला समेत कई वार्डों को मिलेगी राहत
शकरोड़ी से संजौली तक 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में मंगलवार से सतलुज का पानी शहर में पहुंचना शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही शहर में पानी की राशनिंग खत्म होने की उम्मीद है। कंपनी ने सतलुज से पेयजल आपूर्ति मिलते ही शहर में रोज पानी देने की तैयारी कर ली है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पहली बार संजौली स्थित टैंक में पानी डाला जाएगा। इसके बाद शहर के छोटा शिमला, रिज मैदान और चौड़ा मैदान समेत अन्य टैंकों में पानी की सप्लाई भेजी जाएगी। अब तक शहरवासियों को जलसंकट का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से इसमें राहत मिलने की उम्मीद है। दावा है कि करीब 10 एमएलडी पानी की सप्लाई शहर को मिलेगी। इसके अलावा गिरि नदी और गुम्मा परियोजनाओं से भी पहले की तरह पानी लिया जाता रहेगा।
शहर को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई सतलुज पेयजल परियोजना सबसे बड़ी योजना मानी जा रही है। इस परियोजना का पानी शिमला पहुंचने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। हर साल गर्मियों के मौसम में जल स्रोतों में पानी की कमी के कारण शहर में जलसंकट गहरा जाता था। वहीं बरसात के मौसम में गिरि-गुम्मा जैसी परियोजनाओं में गाद आने के कारण सप्लाई भी प्रभावित होती थी। अब सतलुज से सीधे पानी आने पर लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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शहर के कच्चीघाटी, खलीनी, लक्कड़ बाजार, न्यू शिमला, पंथाघाटी, कसुम्पटी और जाखू समेत कई वार्डों में आए दिन पानी का संकट बना रहता था। नियमित आपूर्ति शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनी के अनुसार संजौली टैंक तक करीब 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। यह पाइपलाइन शकरोड़ी, दवाडा और डुम्मी पंपिंग स्टेशनों से होकर शहर तक पहुंची है। आने वाले दिनों में शकरोड़ी में ओजोनेशन प्लांट भी लगाया जाएगा, जिस पर करीब 25 से 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे पानी की गुणवत्ता और बेहतर होगी।
संजौली टैंक से पूरे शहर को होती है सप्लाई
राजधानी के संजौली टैंक में सबसे पहले पानी पहुंचता है। इसके बाद यहां से अन्य बड़े टैंकों को सप्लाई भेजी जाती है। नगर निगम का दावा है कि आने वाले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना तैयार की गई है। पंपों के पूरी क्षमता से चलने के बाद यहां 66 एमएलडी पानी पहुंचाया जा सकेगा। परियोजना के पानी के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए थे और रिपोर्ट सही आने के बाद ही आपूर्ति शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
तीन साल में पूरा हुआ काम
शकरोड़ी से शिमला तक करीब 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पेयजल परियोजना का काम वर्ष 2019 में शुरू हुआ था, जबकि धरातल पर इसका निर्माणकार्य 2023 में तेजी से शुरू हुआ। कंपनी के अनुसार इस परियोजना पर करीब 370 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
टेस्टिंग प्रक्रिया सफल रही है। पूजा-अर्चना के बाद सुबह 11 बजे संजौली टैंक में पानी डाला जाएगा। इसके बाद शहर के लोगों को इसकी सप्लाई शुरू की जाएगी।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला
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करीब 10 एमएलडी पानी की सप्लाई का दावा
गिरि और गुम्मा परियोजनाओं से भी जारी रहेगी आपूर्ति
कच्चीघाटी, खलीनी, न्यू शिमला समेत कई वार्डों को मिलेगी राहत
शकरोड़ी से संजौली तक 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में मंगलवार से सतलुज का पानी शहर में पहुंचना शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही शहर में पानी की राशनिंग खत्म होने की उम्मीद है। कंपनी ने सतलुज से पेयजल आपूर्ति मिलते ही शहर में रोज पानी देने की तैयारी कर ली है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पहली बार संजौली स्थित टैंक में पानी डाला जाएगा। इसके बाद शहर के छोटा शिमला, रिज मैदान और चौड़ा मैदान समेत अन्य टैंकों में पानी की सप्लाई भेजी जाएगी। अब तक शहरवासियों को जलसंकट का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से इसमें राहत मिलने की उम्मीद है। दावा है कि करीब 10 एमएलडी पानी की सप्लाई शहर को मिलेगी। इसके अलावा गिरि नदी और गुम्मा परियोजनाओं से भी पहले की तरह पानी लिया जाता रहेगा।
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शहर को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई सतलुज पेयजल परियोजना सबसे बड़ी योजना मानी जा रही है। इस परियोजना का पानी शिमला पहुंचने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। हर साल गर्मियों के मौसम में जल स्रोतों में पानी की कमी के कारण शहर में जलसंकट गहरा जाता था। वहीं बरसात के मौसम में गिरि-गुम्मा जैसी परियोजनाओं में गाद आने के कारण सप्लाई भी प्रभावित होती थी। अब सतलुज से सीधे पानी आने पर लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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शहर के कच्चीघाटी, खलीनी, लक्कड़ बाजार, न्यू शिमला, पंथाघाटी, कसुम्पटी और जाखू समेत कई वार्डों में आए दिन पानी का संकट बना रहता था। नियमित आपूर्ति शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनी के अनुसार संजौली टैंक तक करीब 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। यह पाइपलाइन शकरोड़ी, दवाडा और डुम्मी पंपिंग स्टेशनों से होकर शहर तक पहुंची है। आने वाले दिनों में शकरोड़ी में ओजोनेशन प्लांट भी लगाया जाएगा, जिस पर करीब 25 से 30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे पानी की गुणवत्ता और बेहतर होगी।
संजौली टैंक से पूरे शहर को होती है सप्लाई
राजधानी के संजौली टैंक में सबसे पहले पानी पहुंचता है। इसके बाद यहां से अन्य बड़े टैंकों को सप्लाई भेजी जाती है। नगर निगम का दावा है कि आने वाले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना तैयार की गई है। पंपों के पूरी क्षमता से चलने के बाद यहां 66 एमएलडी पानी पहुंचाया जा सकेगा। परियोजना के पानी के सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए थे और रिपोर्ट सही आने के बाद ही आपूर्ति शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
तीन साल में पूरा हुआ काम
शकरोड़ी से शिमला तक करीब 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पेयजल परियोजना का काम वर्ष 2019 में शुरू हुआ था, जबकि धरातल पर इसका निर्माणकार्य 2023 में तेजी से शुरू हुआ। कंपनी के अनुसार इस परियोजना पर करीब 370 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
टेस्टिंग प्रक्रिया सफल रही है। पूजा-अर्चना के बाद सुबह 11 बजे संजौली टैंक में पानी डाला जाएगा। इसके बाद शहर के लोगों को इसकी सप्लाई शुरू की जाएगी।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला