हजारों शिक्षकों को बड़ा झटका, अभी नहीं हो पाएंगे रेगुलर, ये है वजह
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हिमाचल में हजारों शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया रुक गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट के केस का हवाला देकर इस मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया है। राज्य में 12 हजार से अधिक पैट, पीटीए और पैरा शिक्षक नियमित होने के इंतजार में बैठे हैं।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के चलते मामला उलझ गया है। ई समाधान के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से उठाए गए सवाल में निदेशालय ने कोर्ट केस की बात कहते हुए फिलहाल नियमित नहीं करने को कहा है।
निदेशालय के संयुक्त निदेशक ने एक मामले पर जवाब देते हुए कहा है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में नियमित करने को लेकर अभी फैसला नहीं हो सकता है। उधर, पीटीए मामले में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले ने प्रदेश के शिक्षकों सहित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भी उलझा दिया है।
आदेश स्पष्ट नहीं होने के चलते पीटीए शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है। इस मामले में स्थिति को स्पष्ट करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण भी मांगा था, लेकिन स्थिति अभी तक साफ नहीं हुई है।
मामले पर बयान देने से बच रहा शिक्षा निदेशालय
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी महीने में सुनाए फैसले में हिमाचल सरकार को भविष्य में शिक्षकों की भर्ती कमीशन के माध्यम से करने को कहा है। सरकार को भविष्य में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के आदेश भी दिए है, लेकिन इस मामले को लेकर पूर्व में दिए गए यथा स्थिति के आदेशों को लेकर कोर्ट के आर्डर में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।
इस कारण प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय अभी इस मामले में कोई भी बयान देने से बच रहा है। ज्ञात हो कि कांग्रेस सरकार के पूर्व कार्यकाल में पीटीए शिक्षकों की हिमाचल में नियुक्तियां हुई थी। सरकार बदलने के बाद भर्तियों के इन मामलों पर जांच बिठाई गई।
इस मामले में करीब एक हजार पीटीए शिक्षकों की नौकरी भी चली गई थी। कांग्रेस सरकार ने दोबारा सत्ता में आने पर पीटीए शिक्षकों को बहाल किया था। इन शिक्षकों को अनुबंध पर लाकर नियमित करने की नीति भी तैयार की गई। लेकिन मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। बीते दो साल से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।